भैरवनाथ की कथा

भैरवनाथ की कथा भक्त श्रीधर की सच्ची उपासना और अडिग विश्वास को देखकर मां वैष्णों को स्वयं एक दिन कन्या का रूप धारण करके आना पड़ा। भक्त जी कन्या का पूजन की तैयारी कर रहे थे, छोटी-2 कन्यायें उपस्थित थीं। उन्हीं में मां वैष्णवों भी कन्या बनकर आ गई। नियम के अनुसार पांव धोकर भोजन परोसते समय … Read more

भक्त श्रीधर की कथा

भक्त श्रीधर की कथा भक्त श्रीधर की कथा कहा जाता है लगभग सात सौ वर्ष पहले माता के परम भक्त श्रीधर जी हुए जो कटरा से लगभग दो किलो मीटर की दूरी पर बसे हंसाली नामक गांव में रहते थे। वे नित्य नियम से कन्या पूजन किया करते थे। संतान न होने के कारण वह … Read more

वैष्णो देवी का अवतार

वैष्णो देवी का अवतार कैसे हुआ ? वैष्णो देवी का अवतार – देश में विपरीत परिस्थितियां होने पर समय-समय पर महाशक्ति ने भिन्न-भिन्न रूप धारण कर, दुष्टों का नाश कर भक्तों की रक्षा की है। देवताओं के एकत्रित तेज समूह से उत्पन्न महाशक्ति ने कालान्तर में महाकाली, महालक्ष्मी एवं महासरस्वती के रूप धारण किए। यह … Read more

माँ ज्वाला देवी की कथा

माँ ज्वाला देवी ज्वाला जी की कथा – जिला होशियार पुर के गोपीपुरा डेरा से लगभग दस मील पर ज्वाला जी का मन्दिर है। यहां पहाड़ में से सदा अग्नि की लपटें निकलती रहती हैं। यह धृमा देवी का स्थान कहलाता है। यहां पर सती जी की जिभ्या गिरी थी। इसलिए 51 शक्तिपीठों में भी … Read more

तारा रानी की कथा इन हिंदी

महारानी तारा रानी की कथा – माता के जगराते में महारानी तारा देवी की कथा कहने सुनने की परम्परा प्राचीन काल ही चली आती है। यद्यपि पुराणों या ऐतिहासिक पुस्तकों में इसको सम्मिलित करने की परम्परागत विधान है। जो इस प्रकार है :महाराजा दक्ष के दो पुत्रियां तारादेवी एवं रूकमण भगवती दुर्गा जी की शक्ति … Read more

महाशक्ति के नौ रूप

महाशक्ति के नौ रूप महाशक्ति के नौ रूप – नैनादेवी, चिन्तपुर्णी, ज्वालादेवी, भद्रकाली, मंसा देवी, शकुन्तला देवी, कालिका देवी, कांगड़े वाली और वैष्णो देवी । शिव पुराण की एक कथानुसार सती पार्वती के शव को लेकर जब भगवान शिव तीनों लोकों का भ्रमण कर रहे थे तो भगवान विष्णु ने उनका मोह दूर करने के … Read more

रामचन्द्र जी पर देवी की कृपा की कथा

रामचन्द्र जी पर देवी की कृपा रामचन्द्र जी पर देवी की कृपा की कथा जिस समय रामचन्द्र जी. अपनी सेना को साथ लेकर लंका पर चढ़ाई की और समुद्र के तट पर पहुंचे तो उन्होंने समुद्र पर सेतु बांधते समय भगवान शंकर की आराधना की। उस समय भगवान शंकर ने प्रकट होकर उन्हें विजय का … Read more

देवी को नारियल की भेंट क्यों चढ़ाई जाती है ?

देवी को ‘नारियल’ की भेंट देवी को नारियल की भेंट सिर चमत्कारिक ढंग से जुड़ने और पुनः जीवित होने पर ध्यानू भक्त को आशीर्वाद रूप में माता ने वर मांगने को कहा तो भक्त ने देवी के चरणों में शीश भुकाकर प्रणाम करके निवेदन किया – हे जगदम्बे ! आप – सर्वशक्तिमान हैं, हम मनुष्य … Read more

ध्यानू भक्त का शीश अर्पण करना

ध्यानू भक्त ध्यानू भक्त का शीश अर्पण करना – एक प्राचीन कथानुसार जब माता के परम भक्त ध्यानू १००० साथियों के दल सहित दिल्ली से ज्वाला माई के दर्शन के लिए जा रहे थे तो इतने बड़े दल को देखकर अकबर बादशाह के सिपाहियों ने सन्देहवश उन्हें रोक लिया और बादशाह के सामने पेश किया … Read more

माता का विराट रूप कैसा है ?

देवी माँ का विराट रूप – देवी माता का विराट रूप भुजा सहित माता का विराट रूप आंखें मूंदकर मनन कीजिए कि हजारों कमलपुष्प एकदम खिल उठे। सोचिए कि एक हजार सूर्य एक ही आकाश-मण्डल में एक साथ उदय हो गए। ऐसा है उसका रूप, ऐसा है उसका तेज। सूर्य और चन्द्र उसके दोनों नेत्र … Read more