हम अपना जीवन नष्ट कर रहे हैं

हम अपना जीवन नष्ट कर रहे हैं अतएव हमें अपनी इन्द्रियों को भौतिक सुख बढ़ाने के लिए प्रेरित करने के इच्छुक न बनकर कृष्णभावनामृत का अभ्यास करके आध्यात्मिक सुख पाने का प्रयास करना चाहिए। जैसाकि प्रह्लाद महाराज कहते हैं, “यद्यपि इस मानव शरीर में तुम्हारा जीवन क्षणिक है, किन्तु है अत्यन्त मूल्यवान्। अतएव अपने भौतिक … Read more

Radhe Krishna status or shayari in hindi

Radhe Krishna status श्रीकृष्ण ज़िनका नाम है,गोकुल ज़िनका धाम है! ऐसे श्रीकृष्ण को मेरा बारम्बार प्रणाम है ! राधे राधे बोल, श्याम भागे चले आएंगे, एक बार आ गए तो कबू नहीं जायेंगे… गोकुल में है जिनका वास,Gopiyo Sang Jo Karey Raas,देवकी यशोदा जिनकी मैया,Aise Hamare Kishan Kanhaiya….!! अजीब नशा है, अजीब खुमारी है,हमे कोई … Read more

Hare Krishna ! हरे कृष्ण हरे राम महामंत्र का अर्थ

Hare Krishna ! हरे कृष्ण महामंत्र का अर्थ Hare Krishna ! हरे कृष्ण महामंत्र का अर्थ प्रत्येक मनुष्य को हर पल वह आनंद चाहिए जिसका कभी क्षय एवं अंत न हो। आनंद के आगार अर्थात् समुद्र श्रीकृष्ण ही हैं। हमें आनंद चाहिए तो उन श्रीकृष्ण से हमें हमारा मन, बुद्धि, अहंकार एवं चेतना को जोड़ना … Read more

कलियुग से बचने के उपाय ! हरे कृष्ण हरे राम महामंत्र

कलियुग से बचने के उपाय कृते यद्धयायतो विष्णुं त्रेतायां यजतो मखैः । द्वापरे परिचर्यायां कलौ तद्धरिकीर्तनात् ॥ (श्रीमद् भागवतम् 12.3.52) जो फल सत्ययुग में विष्णु का ध्यान करने से त्रेतायुग में यज्ञ करने से तथा द्वापर युग में भगवान् के चरणकमलों की सेवा करने से प्राप्त होता है, वही कलियुग में केवल हरे कृष्ण महामंत्र … Read more

घोर कलियुग के लक्षण

घोर कलियुग के लक्षण घोर कलियुग के लक्षण वेदों के सार रूप ग्रंथराज श्रीमद् भागवत में प्रथम स्कन्ध के प्रथम अध्याय में पहले ही प्रश्न के रूप में नैमिषारण्य में एकत्रित ऋषि-मुनि श्रील सूत गोस्वामी से कलियुग की पतित जीवात्माओं एवं उनके लक्षणों के विषय में चिंतित होकर जिज्ञासा करते हैं और पूछते हैं कि … Read more

ग्रंथराज श्रीमद् भागवत की महिमा और रचना

ग्रंथराज श्रीमद् भागवत की महिमा श्रील व्यासदेव जो कि परम ज्ञानी ऋषि थे, उन्होंने अपनी दिव्य दृष्टि से, युग के प्रभाव से प्रत्येक भौतिक वस्तु की अवनति को देखा। उन्होंने देखा कि किस प्रकार जनसामान्य की आयु कलियुग में क्षीण हो जाएगी और वे सद्गुणों के अभाव में अधीर रहेंगे। धरती भी बीते युगों की … Read more