पर्दा ना कर पुजारी दिखने दे राधा प्यारी लिरिक्स

पर्दा ना कर पुजारी दिखने दे राधा प्यारी

पर्दा ना कर पुजारी दिखने दे राधा प्यारी,
मेरे पास वक्त कम है और बात है ढेर सारी,

कहने दे मुझको मेरे मन में जो चल रहा है,
एक आस के सहारे जीवन निकल रहा है,
बड़ी मुश्किल को सेह कर आई है मेरी बारी,
पर्दा ना…….

जग ने जो तीर मारे मै थक के गिर पड़ी थी,
जब होश आयी मुझको श्यामा सामने खड़ी थी,
फिर हाथ ऐसा थामा चडी नाम की खुमारी,
पर्दा ना……

भव सिंधु में गिरी थी कैसे मुझे उबारा,
मै खुद नहीं हूँ आयी इनका हुआ इशारा,
क्या क्या सुनाये तुमको हरिदास ये बिचारी,
पर्दा ना………

तेरी गलियों में घूमना चाहता हूँ मैं
तेरे चरणों को चूमना चाहता हूँ मैं

तेरे बिना एक पल मैं जी नहीं सकता
यह जुदाई के ज़हर को पी नहीं सकता
तेरी बाँहों में झूमना चाहता हूँ मैं
तेरे रसिकों को ढूंढ़ना चाहता हूँ मैं


तेरी गलियों में घूमना चाहता हूँ मैं
तेरे चरणों को चूमना चाहता हूँ मैं
तेरी बाँहों में झूमना चाहता हूँ मैं
तेरे रसिकों को ढूंढ़ना चाहता हूँ मैं

–जब तरसती नज़र बे सहारा हुई
तेरे दीदार की रौशनी मिल गई
भटकी रूहो को ऐसा सहारा मिला
सोई किस्मत मेरी में कली खिल गई
–होश जाता रहा दो जहाँ देख कर
जाने कैसी अजब ज़िन्दगी मिल गई
तेरी किरपा से बरसाने आना बना
तेरी रहमत जो देखी दीवाना बना
इक झलक जिसने भी देख ली आपकी
वो ही पागल बना और दीवाना बना –

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