प्रेम दीप तेरा हर दिल लिरिक्स | Prem Deep| RAJEEV AACHARYA

प्रेम दीप तेरा हर दिल

प्रेम दीप तेरा हर दिल में जल रहा है
तेरे नाम से ही सारा उपवन महक रहा है

तेरे दर्श को पाकर ऐसा लग लग रहा है
प्रेम तेरा मुझ पर जैसे बरस रहा है
आनंद में हूँ डूबा तन मन थिरक रहा है

प्रेम दीप तेरा हर दिल में जल रहा है
तेरे नाम से ही सारा उपवन महक रहा है

वक्त कठिन है लेकिन विश्वास जग रहा है
थाम तू लेगा मुझको दिल यह कह रहा है
कला घाना अँधेरा जैसे हट रहा है

प्रेम दीप तेरा हर दिल में जल रहा है
तेरे नाम से ही सारा उपवन महक रहा है

सन सन बहे हवाएं घड़क रही है
सागर की बहकी लहरें पल पल मचल रही है
प्रभु तू अब ये कैसा जहान रच रहा है

प्रेम दीप तेरा हर दिल में जल रहा है
तेरे नाम से ही सारा उपवन महक रहा है
आनंद में हूँ डूबा तन मन थिरक रहा है



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