अट्ठाईसवाँ अध्याय कार्तिक माहात्म्य
अट्ठाईसवाँ अध्याय कार्तिक माहात्म्य इतनी कथा सुनकर ऋषि कहने लगे कि सूतजी ! कृपा करके कार्तिक शुक्ला अष्टमी, जिसको गोपाष्टमी भी कहते हैं, उसका माहात्म्य सुनाइये। सूतजी कहने लगे कि बाल्यावस्था में भगवान् कृष्ण पहले बछड़े चराया करते थे। कार्तिक शुक्ला अष्टमी गोपाष्टमी कहलाती है। इस दिन सब मनोकामनाओं को पूर्ण करने के लिए गौ … Read more