शंकर चौरा रे महामाईकर रही सोल्हा रे लिरिक्स
शंकर चौरा रे महामाईकर रही सोल्हा रे शंकर चौरा रे महामाई कर रही सोल्हा रे श्रृंगार माई कर रही सोल्हा रे, माथे उनके बिंदिया सोहे टिलकी की बलिहारी राम, सिंदूर लगा रही रे मांग में सिंधुर लगा रही रे, श्रृंगार माई कर रही सोल्हा रे कान में उनके कुण्डल सोहे नथुनी की बलिहारी राम, हरवा … Read more