मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है – भजन लिरिक्स

बांके बिहारी के चमत्कार

भजन – मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है ★ मेरा आपकी कृपा से ★ मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है, करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है जपते हो तुम मुरारी मेरा ध्यान हो रहा है पतवार के बिना ही मेरी नाव चल रही है, हैरान है … Read more

राम नाम के हीरे मोती मैं बिखराऊँ गली गली Lyrics

राम नाम

भजन – राम नाम के हीरे मोती राम नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊँ गली गली ले लो रे कोई राम का प्यारा, टेर लगाऊँ गली गली । दौलत के दीवाने सुन लो, ऐसा दिन भी आ जायेगा । धन दौलत और माल खजाना, यहीं पड़ा रह जायेगा । कंचन काया माटी होगी, चर्चा होगी … Read more

मेरे उठे विरह की पीर सखी वृन्दावन जाऊँगी

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मेरे उठे विरह की पीर सखी वृन्दावन जाऊँगी ★ वृन्दावन जाऊँगी ★ मेरे उठे विरह की पीर सखी वृन्दावन जाऊँगी । बाजे मुरली यमुना तीर सखी वृन्दावन जाऊँगी || श्याम सलौनी सूरत की दीवानी हो गयी । मैं कैसे धाऊँ धीर सखी वृन्दावन जाऊँगी ॥१॥ मेरे उठे विरह की पीर सखी वृन्दावन जाऊँगी । छोड़ … Read more

मेरो राधा रमण गिरधारी – गिरधारी श्याम बनवारी

radharaman

मेरो राधा रमण गिरधारी ★ संकीर्तन ★ मेरो राधा रमण गिरधारी गिरधारी श्याम बनवारी ॥ ” सवैया” टेड़े पिटारे कटारे किरिट की, माँग के पाग की धारी की जै जै । कुण्डल सोहे कपोलन पै, मुस्कान हूँ धीर प्रहारी की जै जै ॥ राजेश्वरी दिन रात रट्यौ, यही मोहन की वनवारी की जै जै । … Read more

आली मोहे लागै वृन्दावन नीको लिरिक्स | Ali mohe lage lyrics

Vrindavan Prem Mandir

आली मोहे लागै वृन्दावन नीको । आली मोहे लागै वृन्दावन नीको । घर घर तुलसी ठाकुर सेवा । दर्शन गोविन्द जी को ॥ आली मोहे लागै….. … || 1॥ निर्मल नीर बहत यमुना को । भोजन दूध दही को || आली मोहे लाग …………….॥2 ॥ रत्न सिहासन आप विराजे । मुकुट धरयौ तुलसी को ॥ … Read more

दुर्गा सप्तशती पहला अध्याय

दुर्गा सप्तशती पहला अध्याय श्री मार्कण्डेय जी बोले-मैं भगवान सूर्य के पुत्र सावर्णि के उत्पत्ति की कथा विस्तार से कहता हूँ, आप ध्यान से सुनिए । सूर्य की छाया स्त्री से उत्पन्न सावर्णि जगत जननी महामाया की कृपा से जैसे-जैसे मन्वंतर का अधिपति बना वह कथा सुनिए । पूर्वकाल में स्वारोचिश मन्वंतर के चैत्र वंशी … Read more

अथ कीलक स्तोत्र – दुर्गा सप्तशती

अथ कीलक स्तोत्र श्री मार्कण्डेय ऋषि बोले-मैं उन भगवान सदाशिव को नमस्कार करता हूँ, जिनके तीन दिव्य नेत्र हैं, जिनका शरीर विशुद्ध ज्ञान स्वरूप है, जो मोक्ष प्राप्ति के कारण है अर्द्ध चन्द्रमा जिनके मस्तक पर शोभायमान है । मन्त्रों के शाप एवं उत्कीलन आदि को समझ कर पाठ करने वाला पुरुष मोक्ष पा लेता … Read more

श्री अर्गला स्तोत्र – दुर्गा सप्तशती

श्री अर्गला स्तोत्र प्रारम्भ श्रीमार्कण्डेयजी बोले-जयन्ती, मंगला, काली, भद्रकाली, कपालनी, दुर्गा, शिवा, धात्री, स्वाहा, स्वधा आदि देवियों को मेरा नमस्कार हो । हे चामुण्डे देवी! समस्त प्राणियों के दुःख निवारण करने वाली आपकी जय हो। हे सर्व व्यापक देवी कालरात्री ! आपकी जय हो । मधु तथा कैटभ दैत्यों का दलन करने वाली, ब्रह्माजी को … Read more

श्री दुर्गा कवच – श्री दुर्गा सप्तशती

श्री दुर्गा कवच ॐ नमश्चण्डिकायै ॥ मार्कण्डेय ऋषि बोले-हे पितामह ! आप हमें कोई ऐसा परम गुप्त साधन बताइये जिसके द्वारा मनुष्यों की सभी प्रकार से रक्षा हो और जो अभी तक आपने किसी को बताया भी न हो। ब्रह्मा जी बोले- हे विप्रवर ! इस प्रकार का साधन तो परम पवित्र एवं परम गुप्त … Read more

श्री दुर्गा पूजा पाठ विधि | दुर्गा सप्तशती

श्री दुर्गा पूजा पाठ विधि तथा पूजा-सामग्री श्री दुर्गा जी की पूजा विशेष रूप से वर्ष में दो बार नवरात्रों में की जाती है। आश्विन शुक्ला प्रतिपदा को जो नवरात्र प्रारम्भ होते हैं, उन्हें शारदीय नवरात्र कहते हैं । चैत्र शुक्ला प्रतिपदा से आरम्भ होने वाले नवरात्र वार्षिक कहलाते हैं । माँ दुर्गा के भक्त … Read more