छठा अध्याय श्रावण महात्म्य
छठा अध्याय श्रावण महात्म्य नारदजी कहने लगे कि हे ब्रह्मन् ! कार्तिक मास के माहात्म्य का विधिपूर्वक वर्णन करिये। ब्रह्माजी कहने लगे कि हे नारद! तुम बड़े सज्जन पुरुष हो जो लोकों के हित के लिए ऐसे प्रश्न करते हो । अब मैं ऐसी कथा तुमसे कहता हँ जिसके सुनने मात्र से पापों का नाश … Read more