श्री श्याम चालीसा – श्याम श्याम भजि बारम्बारा

श्री श्याम चालीसा श्री श्याम चालीसा एक भक्ति गीत है जो श्री खाटू श्याम पर आधारित है। ॥ चौपाई ॥ श्याम श्याम भजि बारम्बारा । सहज ही हो भवसागर पारा॥ इन सम देव न दूजा कोई। दीन दयालु न दाता होई॥ भीमसुपुत्र अहिलवती जाया । कहीं भीम का पौत्र कहाया॥ यह सब कथा सही कल्पान्तर … Read more

श्री प्रेतराज चालीसा – जय जय प्रेतराज जग पावन

श्री प्रेतराज चालीसा श्री प्रेतराज – प्रेतराज सरकार भूतों के राजा हैं इनकी पूजा करने से हर प्रकार के भूत चुड़ैल से मुक्ति मिलती है जय राजस्थान के मेहंदीपुर में प्रसिद्ध बालाजी के नाम से विराजमान है । भूत-प्रेत आदि ऊपरी बलाओं के निवारण के लिए लोगों का यहां तांता लगा रहता है ।हर रोज … Read more

श्री महावीर चालीसा – जय महावीर दयालु स्वामी

श्री महावीर चालीसा महावीर स्वामी विश्व के उन महात्माओं में से एक है, जिन्होंने मानवता के कल्याण के लिए राजपाट को छोड़कर तप और त्याग का मार्ग अपनाया था। बचपन से ही उनमे महानता के लक्षण दृष्टिगत होने लगे थे। ३० वर्ष की आयु में वन में जाकर केशलोच के साथ उन्होंने गृह त्याग कर … Read more

श्री जाहरवीर चालीसा – जय जय जय जाहर रणधीरा

श्री जाहरवीर चालीसा जाहरवीर जी को विष्णु जी का अवतार और परम शिवभक्त माना जाता है । गोगाजी राजस्थान के लोकप्रिय देवता है। गोगा जी को जाहरवीर और सांपों के देवता जी के रूप में जाना जाता है । राजगढ़ से हनुमानगढ़ जिले का गोगा मढ़ी शहर है ।इसी स्थान पर भादों शुक्ल नवमी को … Read more

श्री गोरखनाथ चालीसा -जय जय गोरख नाथ अविनासी

श्री गोरखनाथ चालीसा और कथा हिंदू धर्म में भगवान गोरखनाथ जी को महान योगी माना जाता है ऐसा माना जाता है कि गुरु गोरखनाथ जी का जन्म किसी स्त्री के गर्भ से नहीं हुआ था अपितु वह तो एक गोबर के ढेर से उत्पन्न हुए थे कथा के अनुसार एक गुरु मत्स्येंद्रनाथ जी भिक्षा मांगने … Read more

श्री रविदास चालीसा – जै होवै रविदास तुम्हारी

श्री रविदास चालीसा – गुरु रविदास जी भारत के महान संत और कवि थे। रविदास जी का जन्म गंगा किनारे बसे बनारस शहर में 1377 में हुआ था। आपके पिता बाबा संतोख दास जी और माता कलसा देवी जी थी। आपके पिता चमार जाति के थे और चमड़े का काम करते थे। रविदास जी का … Read more

श्री साईं चालीसा – पहले साई के चरणों में, अपना शीश नमाऊं मैं

श्री साईं चालीसा धर्म की रक्षा करने के लिए पृथ्वी पर कई साधु-संतों ने जन्म लिया ।इन्हीं में से एक है शिरडी वाले साईं बाबा जी इन्होंने अधर्म का बिना किसी हिंसा के साथ ना ही नहीं किया बल्कि लोगों को सही मार्ग पर चलना भी सिखाया । साईं बाबा का जन्म और उनके पूर्व … Read more

श्री शाकम्भरी चालीसा – शाकम्भरी माँ अति सुखकारी

श्री शाकम्भरी चालीसा मां शाकम्भरी दुर्गा माता का सौम्य स्वरूप है। मां शाकंभरी कल्याण के लिए पृथ्वी पर आए थी। इनकी चार भुजाएं हैं और इन्हें वनस्पति की देवी भी कहा जाता है। मां शाकम्भरी के दर्शन और पूजन से अन्य धन-धान्य और अक्षय फल की प्राप्ति होती है । माँ शाकम्भरी की कथा एक … Read more

श्री शारदा चालीसा – जय जय जय शारदा महारानी।

श्री शारदा चालीसा मांँ शारदा मेहर गांव के पास धनु नाम का दिन हीन ग्वाला रहता था। वो गाय चराने जंगल जाया करता था ।जंगल में एक पहाड़ पर से अत्यंत सुंदर मनमोहक मानो साक्षात कामधेनु हो ऐसी गाय आती थी ।सब गायों के साथ दिनभर चरती और शाम होते ही वापस पहाड़ पर चली … Read more

श्री नर्मदा चालीसा – जय जय जय नर्मदा भवानी

श्री नर्मदा चालीसा माँ नर्मदा कहां से प्रकट हुई? पौराणिक का कथा अनुसार एक बार भगवान शिव तपस्या में लीन थे तो उनके पसीने से मां नर्मदा जी का जन्म हुआ उस समय उस कन्या का नाम भगवान शिवजी जी ने नर्मदा रखा नमर्दा का अर्थ होता है – सुख प्रदान करने वाली । शिव … Read more