नवाँ अध्याय माघ महात्म्य
नवाँ अध्याय माघ महात्म्य यमदूत बोला- हे वैश्य! दोपहर के समय मूर्ख, पंडित, विद्वान, पापी कोई भी अतिथि यदि घर आ जाए तो उसे अन्न, जल देने वाला चिरकाल तक स्वर्ग का उपभोग करता है । यदि गृहस्थ के घर कोई दुःखी आ जाये तो उनको तृप्त करने से महान फल प्राप्त होता है। अतिथि … Read more