तेरहवाँ अध्याय माघ महात्म्य
तेरहवाँ अध्याय माघ महात्म्य यमदूत बोला- एकादशी व्रत समस्त व्रतों में श्रेष्ठ है। इस व्रत के करने से सारे पाप नष्ट होते हैं। सहस्त्रों अश्वमेध, राजसूर्य यज्ञ भी एकादशी व्रत के समान फल नहीं दे पाते । समस्त इन्द्रियां द्वारा किए गये पाप इस व्रत से नष्ट हो जाते हैं। इस व्रत के समान फल … Read more