चतुर्थ ‘कूषमांडा सुखधाम’ – माँ कूष्मांडा
माँ कूष्मांडा कूषमांडा जै जग सुखदानी ।मुझ पर दया करो महारानी। पिंगला ज्वालामुखी निराली । शाकम्बरी मां भोली भाली । लाखों नाम निराले तेरे । भक्त कई मतवाले तेरे। भीमा पर्वत पर है डेरा । स्वीकारो प्रणाम ये मेरा । सब की सुनती हो जगदम्बे । सुख पहुंचाती हो मां अम्बे। तेरे दर्शन का मैं … Read more