कीड़ी ने कण हाथी ने मण सगलो हिसाब चुकावे है लिरिक्स
कीड़ी ने कण हाथी ने मण सगलो हिसाब चुकावे है कीड़ी ने कण हाथी ने मण, सगलो हिसाब चुकावे है, खाटु माहि बैठ्यो सांवरो, सारो खेल रचाते है, खाटु माहि बैठ्यो सांवरो, सारो खेल रचावे है , जो जल में रेवे जीव जंतु, वे जल में सब कुछ पावे है, जो रखे हैं ई धरती … Read more