श्री पार्वती चालीसा – ब्रह्मा भेद न तुम्हरो पावे।

श्री पार्वती चालीसा हिंदू धर्म में दुर्गा माता को कई नामों से जाना जाता है शेरावाली जोतां वाली चंड मुंड विनाशिनी और भवानी आदि मां के और भी बहुत सारे नाम है। मां काली माता पार्वती जी दुर्गा मां का ही एक रूप है । मां पार्वती हिमालय पर्वत की पुत्री थी नील कमल के … Read more

श्री वैष्णो चालीसा – नमो: नमो: वैष्णो वरदानी।

श्री वैष्णो चालीसा माँ वैष्णो किसका अवतार है आइए जानें वैष्णो देवी को वैष्णो माता के रूप में भी जाना जाता है कटड़ा में सहित सुंदर पहाड़ियों पर एक गुफा है । जहां तीन पिंण्डीयों के रूप में माता वैष्णो देवी विराजमान है। यहां पर लाखों श्रद्धालु मां का दर्शन कर अपना जीवन धन्य करते … Read more

श्री राधा चालीसा – जय वृषभान कुँवरि श्री श्यामा

श्री राधा चालीसा श्री राधारानी हिंदू धर्म के प्रमुख देवी है। श्री कृष्ण की प्रेमिका और प्रेमी के रूप में चित्रित की जाती है। उन्हें राधा कृष्ण के रूप में पूजा जाता है । परंपरा के अनुसार बरसाना के प्रतिष्ठित जवानों की पुत्री थी एवं मां लक्ष्मी का अवतार थी। कलयुग से बचने का उपाय … Read more

श्री महाकाली चालीसा – Mahakali Chalisa

श्री महाकाली चालीसा एक बार महाकाली बहुत क्रोध अवस्था में थी ।उनकी क्रोधाग्नि से समस्त पृथ्वी नाश होने पर आ गई थी । कोई भी देव,राक्षस और मानव उन्हें रोकने में समर्थ नहीं थे । तभी सभी ने महाकाली को रोकने के लिए समूहिक रूप से भगवान शिव का स्मरण किया । भगवान शिव ने … Read more

श्री काली माता चालीसा – जय जय जय काली कंकाली।

काली माता चालीसा कलयुग में तीन देवताओं को जागृत बताया गया है -हनुमान जी ,काल भैरव और महाकाली । काली माता की पूजा सदियों से होती आई है। काली का अर्थ -होता है समय और समय हमेशा चलता रहता है कभी नहीं रुकता। मां काली की लालजी इच्छाओं का प्रतीक है और उनके दांत जो … Read more

श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा – जय जय जय विन्ध्याचल रानी।

विन्ध्येश्वरी चालीसा उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में मां विंध्यवासिनी का सुंदर मंदिर है। कहा जाता है सालों पहले हिमालय सबसे बड़ा पर्वत था। उससे पर्वतराज भी कहा जाता था। यह बात विंध्याचल नाम के पर्वत को सहन नहीं होती थी । अपने पर्वत को बड़ा बनाने के लिए उसने ब्रह्मा जी का तप किया … Read more

श्री शीतला चालीसा – विस्फोटक से जलत शरीरा

शीतला चालीसा वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को शीतला देवी की पूजा का जाती है। शीतला देवी की पूजा चेचक के प्रकोप से बचने के लिए की जाती है। ऐसी प्राचीन मान्यता है कि जिस घर की महिलाएं शुद्ध मन से इस व्रत को करती हैं उस परिवार को शीतला देवी धन-धान्य से … Read more

श्री तुलसी चालीसा – धन्य धन्य श्री तुलसी माता।

तुलसी चालीसा तुलसी को एक पौधे पौधे के रूप में पूजा जाता है ।पूर्व जन्म में तुलसी एक कन्या थी ।जिसका नाम वृंदा था। राक्षस कुल में उनका जन्म हुआ था ।वृंदा बचपन से ही भगवान विष्णु की भगत थी। जब वह बड़ी हुई तो उसका विवाह राक्षस राज जालंधर से हुआ। वृंदा पतिव्रता स्त्री … Read more

ललिता माता चालीसा – जयति जयति जय ललिते माता

ललिता माता चालीसा गुप्त नवरात्रि के तीसरे दिन मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा की जाती है। इन्हें ललिता के माता के नाम से भी जाना जाता है। कहते हैं कि इनकी पूजा करने वालों को लौकिक और अलौकिक शक्तियां प्राप्त होती हैं ।देवी पुराण में माता की बहुत व्याख्या की गई है। कहते हैं मां … Read more

श्री सरस्वती चालीसा – जय श्री सकल बुद्धि बलरासी

सरस्वती चालीसा माँ सरस्वती की कथा भगवान विष्णु की आज्ञा से प्रजापति ब्रह्मा जी सृष्टि की रचना करके पृथ्वी पर आए तो उन्हें चारों ओर सुनसान तथा निर्जन दिखाई दिया। उदासी से सारा वातावरण मूक सा हो गया था। जैसे किसी के वाणी न हो। इस उदासी तथा मलीनता को दूर करने के लिए ब्रह्मा … Read more