भोला मस्त मलंग अड़ियो गौरां हो गई तंग (हँसराज रघुवंशी)

भोला मस्त मलंग

भोला मस्त मलंग अड़ियो गौरां हो गई तंग

महलों की रानी, राजकुमारी ॥
क्यूँ बंध गई तेरे संग ॥
तू भोला,
मस्त मलंग… भोला, मस्त मलंग … ॥


भोला मस्त मलंग अड़ियो
गौरां हो गई तंग अड़ियो,
मेरा, भोला मस्त मलंग अड़ियो,
गौरा हो गई तंग अड़ियो ॥


युगों युगों से, तेरी मेरी कहानी ॥
तू मेरा दीवाना, मैं तेरी दीवानी ॥
क्यों ना रंगू मैं तेरे रंग ॥
तू भोला…
मस्त मलंग… भोला, मस्त मलंग…।


गौरा ने बीज लई, हरी हरी मेहन्दी ॥
मेरे, भोले ने बीज लई भंग अड़ियो
गौरां हो गई तंग अड़ियो…
मेरा, भोला मस्त मलंग….


तूं पीवे भोले, भाँग धतूरा ॥
संग तूने बिठाया झुंड, भूतों का पूरा ॥
वो हो गई रे, मैं यूँ तंग ॥
तू भोला,…
मस्त मलंग… भोला, मस्त मलंग…।


गौरा दी उग गई, हरी हरी मेहंदी ॥
मेरे, भोले दी उग गयी भंग अड़ियो
गौरा हो गई तंग अड़ियो…
मेरा, भोला मस्त मलंग……………….


सबको तूं देवें, महल मुनारे ॥
मुझको बिठाया, कैलाशों के किनारें ॥
जाने ना दिल की तूं उमंग ।।.
तू भोला,,,
मस्त मलंग… भोला, मस्त मलंग… ।


गौरा ने तोड़ लई, हरी हरी मेहंदी ॥
मेरे, भोले ने तोड़ लई भंग अड़ियो,
गौरा हो गई तंग अड़ियो,..
मेरा, भोला मस्त मलंग,……………….


मैं ओढू भोले, शाल दुशाले ॥
तूं ओढ़े भोले मृग की छालें,
मुझको ना भावे तेरा ढंग II
तूं भोला,,,
मस्त मलंग,,, भोला, मस्त मलंग… ।

आदत बुरी सुधार लो बस हो गया लिरिक्स

मानो तो मैं गंगा माँ हु ना मानो तो बहता पानी लिरिक्स

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