माता जी की प्रसिद्ध भेंट

मेरी दाती रखीं मैनूं चर्णा दे कोल –

मेरी दाती रखीं मैनूं चर्णा दे कोल । मेरी दाती तेरे जया कोई न होर।

सब थां ठोकरां खा मैं आया। किसे नहीं दाती मैनूं अपनाया।

मिली न किधरे वी ठौर-मेरी मैय्या…

सब दे दिलां दी मां तू जाने। चमन लाल आये तेरे दर आशा पुजाने।

बनी क्यों मात कठोर-मेरी मैय्या….

जगत दी वाली तू मां अम्बे। सब ते कृपा कर जगदम्बे ।

औगन न साडे टटोल-मेरी मैय्या….

मन मन्दिर मां जोत है तेरी । स्वास स्वास जपे जगदम्बे मेरी।

मंझधार विच न छोड़-मेरी मैय्या…..

मोह ममता दल दल विच फसया।

कर्म कोई ‘चमन कर न सकया । पई मां अज तेरी लोड़-मेरी मैय्या…

चमन नादान मैय्या दर तेरे आया। सब कुछ छड मोह तेरे नाल पाया।

खाली न दर तों मोड़-मेरी मैय्या….

महाशक्ति के नौ रूप

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