चौंतीसवाँ अध्याय कार्तिक माहात्म्य
चौंतीसवाँ अध्याय कार्तिक माहात्म्य सूतजी कहते हैं कि यदि किसी में उद्यापन की शक्ति न हो तो ब्राह्मणों को भोजन करा देवे। यदि ब्राह्मण न मिलें तो गौं का पूजन कर ले। यदि गौ भी न मिले तो पीपल अथवा वट का पूजन कर लेवे। यह सुनकर ऋषि पूछने लगे कि महाराज! वृक्ष तो सभी … Read more