इक्कीसवाँ अध्याय कार्तिक माहात्म्य
इक्कीसवाँ अध्याय कार्तिक माहात्म्य राजा पृथु ने पूछा- हे नारदजी ! कृपा करके अन्नकूट तथा वर्धन का माहात्म्य कहिये। तब नारदजी कहने लगे कि कार्तिक सुदी एकम् को गोवर्धन पूजा तथा अन्नकूट होता है। इस दिन पृथ्वी पर गोबर का गोवर्धन बनाकर उसका पूजन करे फिर अन्नकूट बनावे पहले ब्राह्मणों को भोजन करावे, फिर स्वयं … Read more