चौदहवाँ अध्याय कार्तिक माहात्म्य
चौदहवाँ अध्याय कार्तिक माहात्म्य राजा पृथु कहने लगे कि हे नारदजी! आप सर्वज्ञ हैं, इसलिए संतान की वृद्धि करने वाला तथा सब प्रकार सुख देने वाला कोई व्रत कहिये। तब नारदजी ने कहा, हे राजन् ! इसके लिये मैं महाविद्या, महामाया, महामेधा, महास्मृति, महामोहा, महादेवी, महाईश्वरी तथा सर्व ईश्वरी अहोई देवी का व्रत तुमसे कहता … Read more