उन्नीसवाँ अध्याय श्रावण महात्म्य – shravan maas
उन्नीसवाँ अध्याय श्रावण महात्म्य ईश्वर ने कहा- हे महामुने! सावन महीने के दोनों पक्षों की एकादशी तिथि के रोज जो कार्य करना होगा, उसे मैं कहूँगा, उसे आप सुनिए । हे वत्स ! इस व्रत को मैंने आज तक किसी से भी नहीं कहा। हे विप्र ! उसे आपसे कहूँगा । आप एकाग्र मन से … Read more