दसवाँ अध्याय माघ महात्म्य
दसवाँ अध्याय माघ महात्म्य यमदूत बोले बहुत से पाप करने वाला भी एक बार गंगा स्नान से शुद्ध हो जाता है। गंगा जल भगवान विष्णु के चरणोंदक से भी अधिक पवित्र है, इसे शिवजी ने मस्तक पर धारण किया है। गंगाजल के समान कोई जल पवित्र नहीं है। गंगा नाम के उच्चारण मात्र से ही … Read more