पांचवाँ अध्याय माघ महात्म्य
पांचवाँ अध्याय माघ महात्म्य इतनी कथा कहकर थोड़ी देर शाँत रहने बाद वशिष्ठ जी ने कहा- हे राजन् ! भगवान् दत्तात्रेय से कार्तवीर्य ने माघ महात्म्य सुनने के लिए जो प्रयत्न किये थे, उनको मैं अब तुम्हें सुनाता हूँ ।उन दिनों भगवान दत्तात्रेय जी सह्य पर्वत पर निवास कर रहे थे, तब महिष्मती के राजा … Read more