हर हर शिव शंकर नीलकंठ गंगाधर लिरिक्स
हर हर शिव शंकर नीलकंठ जटाटवी गलज्जल प्रवाह पावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंग मालिकाम्.. डमड्डमड्डमड्डु मन्निनाद वड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम्.. आ हर हर शिव शंकर नीलकंठ गंगाधर आये शरणम तिहारे.. ज्ञान ऐसा विशाल बैठे हो मृगनैन छाये माथे चंद्र विराजे.. तन्ना ना ना.. तंत्रा न्त्रान्त्रा तन्त्रা না না.. ना ना ना.. जटाकटा हसंभ्रम … Read more