श्री हनुमान चालीसा – जय हनुमान ज्ञान गुण सागर
हनुमान चालीसा माता अंजनी पूर्व जन्म में इंद्र राज महल की अप्सरा थी उनका नाम पूंजीकस्थला था। उनका रूप बहुत ही आकर्षक और सद्भाव बहुत चंचल था । चंचलता के कारण उन्होंने एक ऋषि के साथ अभद्र व्यवहार किया ।जिस कारण उन्हें वानर रूप होने का श्राप मिला था । पूंजीकस्थला को आत्मग्लानि हुई और … Read more