श्री विन्ध्येश्वरी चालीसा – जय जय जय विन्ध्याचल रानी।

विन्ध्येश्वरी चालीसा उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में मां विंध्यवासिनी का सुंदर मंदिर है। कहा जाता है सालों पहले हिमालय सबसे बड़ा पर्वत था। उससे पर्वतराज भी कहा जाता था। यह बात विंध्याचल नाम के पर्वत को सहन नहीं होती थी । अपने पर्वत को बड़ा बनाने के लिए उसने ब्रह्मा जी का तप किया … Read more

श्री शीतला चालीसा – विस्फोटक से जलत शरीरा

शीतला चालीसा वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को शीतला देवी की पूजा का जाती है। शीतला देवी की पूजा चेचक के प्रकोप से बचने के लिए की जाती है। ऐसी प्राचीन मान्यता है कि जिस घर की महिलाएं शुद्ध मन से इस व्रत को करती हैं उस परिवार को शीतला देवी धन-धान्य से … Read more

श्री तुलसी चालीसा – धन्य धन्य श्री तुलसी माता।

तुलसी चालीसा तुलसी को एक पौधे पौधे के रूप में पूजा जाता है ।पूर्व जन्म में तुलसी एक कन्या थी ।जिसका नाम वृंदा था। राक्षस कुल में उनका जन्म हुआ था ।वृंदा बचपन से ही भगवान विष्णु की भगत थी। जब वह बड़ी हुई तो उसका विवाह राक्षस राज जालंधर से हुआ। वृंदा पतिव्रता स्त्री … Read more

ललिता माता चालीसा – जयति जयति जय ललिते माता

ललिता माता चालीसा गुप्त नवरात्रि के तीसरे दिन मां त्रिपुर सुंदरी की पूजा की जाती है। इन्हें ललिता के माता के नाम से भी जाना जाता है। कहते हैं कि इनकी पूजा करने वालों को लौकिक और अलौकिक शक्तियां प्राप्त होती हैं ।देवी पुराण में माता की बहुत व्याख्या की गई है। कहते हैं मां … Read more

श्री सरस्वती चालीसा – जय श्री सकल बुद्धि बलरासी

सरस्वती चालीसा माँ सरस्वती की कथा भगवान विष्णु की आज्ञा से प्रजापति ब्रह्मा जी सृष्टि की रचना करके पृथ्वी पर आए तो उन्हें चारों ओर सुनसान तथा निर्जन दिखाई दिया। उदासी से सारा वातावरण मूक सा हो गया था। जैसे किसी के वाणी न हो। इस उदासी तथा मलीनता को दूर करने के लिए ब्रह्मा … Read more

श्री गंगा चालीसा – जय जय जननी हराना अघखानी

गंगा चालीसा गंगा का पर्व ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को मनाया जाता है। ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को सोमवार तथा हस्त नक्षत्र होने पर यह तिथि घोर पापों को नष्ट करने वाली मानी गई है। हस्त नक्षत्र में बुधवार के दिन गंगावतरण हुआ था। इसलिए यह तिथि अधिक महत्त्वपूर्ण है। इस तिथि में … Read more

श्री महालक्ष्मी चालीसा – नमो महालक्ष्मी जय माता

महालक्ष्मी चालीसा प्राचीन काल में महिषासुर नाम का एक दैत्य था। उसने समस्त राजाओ को हरा कर पृथ्वी और पाताल पर अधिकार कर लिया। स्वर्ग पर अधिकार करने के लिए उसने देवताओं पर चढ़ाई कर दी। देवताओं ने अपनी रक्षा के लिए भगवान विष्णु और भगवान शंकर की स्तुति की। उनकी स्तुति से भगवान शंकर … Read more

श्री कुबेर भण्डारी – जय जय जय श्री कुबेर भण्डारी

कुबेर भण्डारी चालीसा धन के स्वामी कुबेर कौन है और यह किसका अवतार है? भगवान श्री कृष्ण जी ने गीता में स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यक्ष और राक्षसों के धन का स्वामी कुबेर में ही हूंँ। कुबेर जी धन के देवता है आर्थिक संकटों से छुटकारा पाने के लिए और धन की वृद्धि … Read more

श्री रामदेव चालीसा – द्वारकेश से आय कर, लिया मनुज अवतार

रामदेव चालीसा बाबा रामदेव जी राजस्थान के प्रसिद्ध देवता है ।रुणिचा (जैसलमेर) में बाबा जी का विशाल मंदिर है । रामदेव जी सद्भाव तथा अमन के प्रतीक है । बाबा जी का संबंध राज वंश से था लेकिन उन्होंने सारा जीवन शोषित गरीब और पिछड़े लोगों के बीच बिताया । बाबा रामदेव जी छुआछूत के … Read more

श्री गिरिराज चालीसा – जय हो जय बंदित गिरिराजा

श्री गिरिराज चालीसा एक भक्ति गीत है जो श्री गिरिराज पर आधारित है। श्री गिरिराज जी क्या है ? श्री गिरिराज जी साक्षात श्रीहरि हैं। इनका स्वरूप सच्चिदानंद है । यह ब्रजमंडल के मुकुट मणि है ब्रज वासियों का मान बढ़ाने वाले हैं । भगवान श्री कृष्ण का हृदय प्रवेश है और करोड़ों भक्तों की … Read more