रविवार की आरती

रविवार की आरती कहुं लगि आरती दास करेंगे, सकल जगत जाकि जोति विराजे ॥ टेक सात समुद्र जाके चरणनि बसे, कहा भयो जल कुम्भ भरे हो राम । कोटि भानु जाके नख की शोभा, कहा भयो मन्दिर दीप धरे हो राम । भार उठारह रोमावलि जाके, कहा भयो शिर पुष्प धरे हो राम । छप्पन … Read more

रविवार (इतवार) व्रत और कथा

रविवार (इतवार) व्रत सर्व मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु रविवार का व्रत श्रेष्ठ है।  रविवार (इतवार) व्रत विधि इस व्रत की विधि इस प्रकार है। प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त हो स्वच्छ वस्त्र धारण करें। शान्तचित्त हो कर परमात्मा का स्मरण करें। भोजन एक समय से अधिक नहीं करना चाहिए। भोजन तथा फलाहार सूर्य के प्रकाश रहते … Read more

देव दीपावली क्या होती है ?

कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली का मनाई जाती है। इस दिन वाराणसी में मां गंगा के घाटों पर लाखों दीपक शाम को जलाए जाते हैं। मान्यता है, इस दिवाली को मनाने व देखने के लिए देवी देवता भी पृथ्वी पर उतर आते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध … Read more

कार्तिक पूर्णिमा का महत्त्व

कार्तिक पूर्णिमा इस दिन महादेव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का संहार किया था। इसलिए इसे त्रिपुरी पूर्णिमा भी कहते हैं। इस तथि को भगवान का मत्स्यावतार हुआ था। इस दिन गंगा स्नान, दीप दान आदि का विशेष महत्त्व है। इस दिन यदि कृतिका नक्षत्र हो तो महाकार्तिकी होती है, भरणी होने से विशेष फल देती … Read more

आँवला नवमी किसे कहते हैं

आँवला नवमी कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को ‘आँवला नवमी’ कहते हैं। जैसे नाम से पता चलता है कि इस दिन आँवला वृक्ष की पूजा की जाती है। विधान : प्रातः स्नान करके शुद्ध आत्मा से आँवले के वृक्ष के नीचे पूर्व दिशा में बैठ कर पूजन करना चाहिए। पूजन के बाद उसकी … Read more

धर्मदेव की पूजा : धनतेरस

धनतेरस का दिन धन की पूजा का दिन है। सचमुच में यह पर्व धन की पूजा अर्थात् धर्म की पूजा का पर्व है। धन जहां लक्ष्मी का प्रतीक है तो धर्म विष्णु का प्रतीक है। जहां विष्णु न होंगे वहां लक्ष्मी भी न होगी। ऐसे ही जहां धर्म न होगा वहां धन भी नहीं रह … Read more

दशहरा – शौर्य और विजय का पर्व है दशहरा

दशहरा भारतवर्ष का एक प्रमुख त्यौहार है। इसका आयोजन आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को होता है भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था। असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाए जाने के कारण इसको ‘विजय दशमी’ के नाम से भी जाना जाता है। दशहरा वर्ष को … Read more

भटकते पितरों को मोक्ष देने वाली इंदिरा एकादशी

इंदिरा एकादशी भारत में ऋतुओं से सम्बन्धित त्यौहारों के साथ-साथ कई अन्य विषयों से सम्बन्धित त्यौहार भी मनाए जाते हैं। इस तरह जो जीवन-मरण से सम्बधित दिवस होते हैं इनमें इन्दिरा एकादशी भी एक है। भटकते पितरों को गति देने वाली एकादशी को इन्दिरा एकादशी कहते हैं। इन्दिरा एकादशी आश्विन माह की कृष्ण पक्ष में … Read more

हम अपना जीवन नष्ट कर रहे हैं कैसे ?

हम अपना जीवन नष्ट कर रहे हैं कैसे ? अतएव हमें अपनी इन्द्रियों को भौतिक सुख बढ़ाने के लिए प्रेरित करने के इच्छुक न बनकर कृष्णभावनामृत का अभ्यास करके आध्यात्मिक सुख पाने का प्रयास करना चाहिए। जैसाकि प्रह्लाद महाराज कहते हैं, “यद्यपि इस मानव शरीर में तुम्हारा जीवन क्षणिक है, किन्तु है अत्यन्त मूल्यवान्। अतएव … Read more

हम भगवान को भोग क्यों लगाते हैं ?

हम भगवान को भोग क्यों लगाते हैं? एक बार मैंने सुबह टीवी खोला तो जगत गुरु शंकराचार्य कांची कामकोटि जी से प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम चल रहा था। एक व्यक्ति ने प्रश्न किया कि “हम भगवान को भोग क्यों लगाते हैं?” “हम जो कुछ भी भगवान को चढ़ाते हैं, उसमें से भगवान क्या खाते हैं? क्या पीते … Read more