सत्ताईसवाँ अध्याय माघ महात्म्य
सत्ताईसवाँ अध्याय माघ महात्म्य ब्राह्मण ने पूछा- हे प्रेत! तूने सारस से जो वचन सुने हैं। वह मुझसे कहो। प्रेत बोला-हे विप्रवर! इसी खण्ड के समीप गुहिका नामक एक नदी है। यह नदी पहाड़ी के समीप है, उसमें से अथाह निर्मल जल रहने के कारण बड़ी-बड़ी लहरें उठा करती हैं। उनके किनारे हाथियों के झुण्ड … Read more