बाईसवाँ अध्याय माघ महात्म्य
बाईसवाँ अध्याय माघ महात्म्य लोमशजी ने कहा- एक समय देवद्यूति नामक वैष्णव ब्राह्मण था । उसने पिशाच को मुक्ति दिलायी।वेद निधि ने पूछा- हे मुने! देवद्युति कौन था और बताइए कि उसने किस पिशाच को किस तरह से मुक्ति दिलायी ? लोमश जी बोले – हे विप्र ! देवद्युति का आश्रम सरस्वती के तट पर … Read more