सातवीं कालरात्रि महामाया – माँ कालरात्रि
माँ कालरात्रि माँ कालरात्रि कालरात्रि जै जै महाकाली । काल के मुंह से बचाने वाली। दुष्ट संधारण नाम तुम्हारा ।महां चण्डी तेरा अवतारा। पृथ्वी और आकाश पे सारा । महाकाली है तेरा पसारा । खंडा खप्पर रखने वाली।दुष्टों का लहू चखने वाली।तुम्हारा । कलकत्ता स्थान तुम्हारा। सब जगह देखु तेरा नज़ारा। सभी देवता सब नर … Read more