ब्रह्मा चालीसा – जय जय कमलासान जगमूला

ब्रह्मा चालीसा भगवान ब्रह्मा जी का जन्म कैसे हुआ ? ब्रह्माजी कहते हैं- देवर्षे! जब नारायणदेव जलमें शयन करने लगे, उस समय उनकी नाभिसे भगवान् शंकरके इच्छावश सहसा एक उत्तम कमल प्रकट हुआ, जो बहुत बड़ा था। उसमें असंख्य नालदण्ड थे। उसकी कान्ति कनेर के फूलके समान पीले रंगकी थी तथा उसकी लम्बाई और ऊँचाई … Read more

विष्णु चालीसा – नमो विष्णु भगवान खरारी

विष्णु चालीसा भगवान विष्णु जी का जन्म कैसे हुआ ? एक समय आनन्दवन में रमण करते हुए शिवा और शिव के मनमें यह इच्छा हुई कि किसी दूसरे पुरुषकी भी सृष्टि करनी चाहिये, जिसपर यह सृष्टि-संचालनका महान् भार रखकर हम दोनों केवल काशीमें रहकर इच्छानुसार विचरें और निर्वाण धारण करें। वही पुरुष हमारे अनुग्रहसे सदा … Read more

सूर्य देव चालीसा – जय सविता जय जयति दिवाकर

सूर्य देव चालीसा चालीसा माघ मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी सूर्य सप्तमी के रूप में मनाई जाती है। इस दिन सूर्य भगवान को गंगाजल से अर्घ्य देते हैं। दीपक, कपूर, धूप, लाल पुष्प आदि से सूर्य भगवान की स्तुति करते हैं। सूर्य की ओर मुख करके स्तुति करनी चाहिए। इससे शारीरिक चर्मरोग आदि विकार … Read more

राम चालीसा – श्री रघुबीर भक्त हितकारी

राम चालीसा चालीसा श्रीरामजी मर्यादापुरुषोत्तम हैं। रामजी एक भी मर्यादा को भंग करते नहीं, सनातन धर्म का दर्शन करना हो तो तुम रामजी का दर्शन करो। रामजी के चरित्र का मनन करो। सनातन धर्म- जैसा धर्म दूसरा हुआ नहीं और होगा भी नहीं। सनातन धर्म ईश्वर का स्वरूप है। धर्म साधन भी है और साध्य … Read more

गोपाल चालीसा – जय जय पूरण ब्रह्म बिहारी

गोपाल चालीसा श्री कृष्ण भगवान का गोपाल नाम कैसे पड़ा ? भगवान् के अवतार के अनेक उद्देश्यों में गायों की पूजा एवं संरक्षण भी एक महत्त्वपूर्ण उद्देश्य है, क्योंकि गायोंके अन्दर सभी देवताओंका निवास है। गाय सर्वदेवमयी है। गाय की पूजा से सभी देवताओंकी पूजा हो जाती है तथा उनका आशीर्वाद भी प्राप्त हो जाता … Read more

श्री हनुमान चालीसा – जय हनुमान ज्ञान गुण सागर

हनुमान चालीसा माता अंजनी पूर्व जन्म में इंद्र राज महल की अप्सरा थी उनका नाम पूंजीकस्थला था। उनका रूप बहुत ही आकर्षक और सद्भाव बहुत चंचल था । चंचलता के कारण उन्होंने एक ऋषि के साथ अभद्र व्यवहार किया ।जिस कारण उन्हें वानर रूप होने का श्राप मिला था । पूंजीकस्थला को आत्मग्लानि हुई और … Read more

परमा एकादशी- एकादशी महात्म्य

परमा एकादशी राजा युधिष्ठिर ने पूछा – “हे जनार्दन ! पुरुषोत्तम मास (अधिक मास के कृष्णपक्ष की एकादशी का क्या नाम है ? उसके व्रत की विधि तथा माहात्म्य का विस्तार से वर्णन कीजिए ।श्रीकृष्ण बोले- “हे राजन्! इस एकादशी का नामपरमा है। यह मनुष्यों को मोक्ष, भोग तथा आनन्द देनेवाली पवित्र व पापनाशक है। … Read more

श्री लक्ष्मी चालीसा – धन की कभी कमी नहीं होगी

श्री लक्ष्मी चालीसा एक भक्ति गीत है जो लक्ष्मी माता पर आधारित है। लक्ष्मी चालीसा एक लोकप्रिय प्रार्थना है जो 40 छन्दों से बनी है। लक्ष्मी माता के भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए इस चालीसा का पाठ करते हैं। श्री लक्ष्मी चालीसा ॥ दोहा ॥ मातु लक्ष्मी करि कृपा,करो हृदय में वास। मनोकामना … Read more

कृष्ण चालीसा || Shri Krishna chalisa lyrics

कृष्ण चालीसा एक दिन कृष्ण और बलराम अपने प्रेमी ग्वालबालों के साथ यमुनातटपर बछड़े चरा रहे थे। उसी समय उन्हें मारनेके लिये एक महाबलशाली दैत्य आया। कंसने उसे श्रीकृष्णको समाप्त करनेका आदेश दिया था। उसने एक सुन्दर बछड़ेका रूप बनाया और बछड़ोंके झुण्डमें घुस गया। वह देखनेमें इतना सुन्दर था कि जो उसे देखता, वही … Read more

पद्मिनी एकादशी- एकादशी महात्म्य

पद्मिनी एकादशी- एकादशी महात्म्य धर्मराज युधिष्ठिर ने पूछा – “हे योगेश्वर ! पुरुषोत्तम मास (अधिक, मल मास) के शुक्लपक्ष की एकादशी का क्या नाम है और उसकी विधि तथा माहात्म्य क्या है? आप कृपा करके विस्तारपूर्वक मुझसे कहिए ।”भगवान् कृष्ण बोले- “हे राजन्! अधिक (लौंद) मास के शुक्ल पक्ष में अनेक पुण्यों को देने वाली … Read more