तेतीसवाँ अध्याय कार्तिक माहात्म्य
तेतीसवाँ अध्याय कार्तिक माहात्म्य राजा पृथु कहने लगे कि हे नारदजी ! अब आप कृपा करके कार्तिक व्रत का उद्यापन विधि सहित कहिये। तब नारदजी कहने लगे कि कार्तिक शुक्ला चतुर्दशी को कार्तिक के व्रत की संपूर्णता के निमित्त उसका उद्यापन करना चाहिए। सारे घर में गोबर का चौका लगावे, तुलसी के ऊपर मंडप बनावे … Read more