खाटू धाम की माटी म्हारे रास आ गई कण कण में तेरा वास लिरिक्स

खाटू धाम की माटी म्हारे रास आ गई गई कण कण में तेरा वास

कण कण में तेरा वास प्रभु,
जो करे दुखों का नाश प्रभु,
दुनिया भर की खुशियां,
मेरे पास आ गई,
थारे धाम की माटी,
म्हारे रास आ गई
खाटू धाम की माटी,
म्हारे रास आ गई,
कण कण में तेरा वास प्रभु ||


कोई नहीं दिख्यो अपणो जद,
तू ही नजर मनै आयो,
खाटू नगरी आ बैठयो,
जब मेरो जी घबरायो,
पैर धस्या खाटू में,
सांस मै सांस आ गई,
थारे थाम की माटी,
म्हारै रास आ गई ।।



खाटू की माटी का हमने,
देखा अजब नजारा,
क्या निर्थन क्या सेठ सभी को,
इसने पार उत्तारा,
दुनिया सारी करके,
ये विश्वास आ गई,
थारे थाम की माटी,
म्हारे रास आ गई ।।


रेत नहीं मामूली ये तो,
है संजीवन बूटी,
मौज करूं दिन सांवरा,
सोऊं बान के खूंटी,
होली और दीवाली,
बारहो मास आ गई,
थारे धाम की माटी,
म्हारे रास आ गई ।।


तेरी इस पावन मिट्टी में,
मैं मिट्टी हो जाऊं,
सदा सदा के लिए तेरे,
इन चरणों में सो जाऊं,
‘नरसी’ के होंठो पे इतनी,
प्यास आ गई,
खाटू धाम की माटी,
म्हारे रास आ गई ।।


कण कण में तेरा वास प्रभु,
जो करे दुखों का नाश प्रभु,
दुनिया भर की खुशियां,
मेरे पास आ गई,
थारे धाम की माटी,
म्हारे रास आ गई,
खाटू धाम की माटी,
म्हारे रास आ गई,
कण कण में तरा वास प्रभु ।।

मालिक म्हारो सांवरियो बन गयो में तो चाकरियो लिरिक्स

मेरा कोई ना सहारा बिन तेरे गुरुदेव सांवरिया मेरे लिरिक्स

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