तीसरी ‘चन्द्र घंटा शुभ नाम –  माँ चंद्रघण्टा

 माँ चंद्रघण्टा

 माँ चंद्रघण्टा

जय मां चन्द्र घंटा सुख धाम ।पूर्ण कीजो मेरे काम ।

चन्द्र समान तू शीतल दाती।चन्द्र तेज किरणों में समाती।

क्रोध को शान्त बनाने वाली। मीठे बोल सिखाने वाली।

मन की मालक मन भाती हों ।चन्द्र घंटा तुम वरदाती हो।

सुन्दर भाव को लाने वाली। हर संकट में बचाने वाली।

हर बुधवार जो तुझे ध्याये ।श्रद्धा सहित जो विनय सुनाये।

मूर्ति चन्द्र आकार बनाए । सन्मुख घी की जोत जलाए।

शीश झुका कहे मन की बाता। पूर्ण आस करो जगतदातां

कान्ची पुर स्थान तुम्हारा । करनाटिका में मान तुम्हारा ।

नाम तेरा रटूं महारानी।’चमन’ की रक्षा करो भवानी।

चतुर्थ ‘कूषमांडा सुखधाम’ – माँ कूष्मांडा

चमन की श्री दुर्गा स्तुति

श्री दुर्गा स्तुति अध्याय

महा चण्डी स्तोत्र
महा काली स्तोत्र
नमन प्रार्थना
माँ जगदम्बे जी आरती
महा लक्ष्मी स्तोत्र
श्री संतोषी माँ स्तोत्र
श्री भगवती नाम माला
श्री चमन दुर्गा स्तुति के सुन्दर भाव
श्री नव दुर्गा स्तोत्र – माँ शैलपुत्री
दूसरी ब्रह्मचारिणी मन भावे – माँ ब्रह्मचारिणी
तीसरी ‘चन्द्र घंटा शुभ नाम –  माँ चंद्रघण्टा
चतुर्थ ‘कूषमांडा सुखधाम’ – माँ कूष्मांडा
पांचवी देवी असकन्ध माता – माँ स्कंदमाता 
छटी कात्यायनी विख्याता – माँ कात्यायनी
सातवीं कालरात्रि महामाया – माँ कालरात्रि
आठवीं महागौरी जगजाया – माँ महागौरी
नौवीं सिद्धि धात्री जगजाने – माँ सिद्धिदात्री
अन्नपूर्णा भगवती स्तोत्र

Leave a Comment