शंकर भोलानाथ है हमारा तुम्हारा महाकाल की नगरी लिरिक्स

शंकर भोलानाथ है

शंकर भोलानाथ है हमारा तुम्हारा महाकाल की नगरी

शंकर भोलानाथ है हमारा तुम्हारा हमारा तुम्हारा,
महाकाल की नगरी मे पाऊं जनम दोबारा


इस नगरी के कंकर पथर हम बन जाए,
भक्त हमारे उपर चड़कर मंदिर जाए,
भक्तजनो के पाव पड़े तो हो उद्धार हमारा,
बाबा भोलानाथ है हमारा तुम्हारा


जब भी ये तन त्यागु त्यागु क्षिप्रा तट पर,
इतना करना स्वामी ओर मरु मर्धत पर,
मेरी भसमी चड़े आप पर पाउ प्यार तुम्हारा,
शंकर भोलानाथ है हमारा तुम्हारा


जय भोला भंडारी जय गौरा त्रिपुरारी,
रखियो लाज हमारी सब जाग के हितकारी,
मन की इक्च्चा पूरण होतो होवे वारा न्यारा,
बाबा भोलानाथ है हमारा तुम्हारा


शंकर भोला नाथ है हमारा तुम्हारा हमारा तुम्हारा,
महाकाल की नगरी मे पाउ जनम दोबारा



शबरी के बेरों में था प्रेम प्रेम की डोर बंधे भगवान

शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ लिरिक्स


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