बड़ी लीला सुनी तेरे भवनों की लिरिक्स

बड़ी लीला सुनी तेरे भवनों की

बड़ी लीला सुनी तेरे भवनों की

बड़ी लीला सुनी तेरे भवनों की
बड़ी शोभा सुनी तेरे भवनों की-2
यहाँ होती है बारिश रहमत की
यहाँ कोई कमी न रत्नों की
बड़ी लीला सुनी है तेरे भवनों की-2
बड़ी शोभा सुनी है तेरे भवनों की-2

यहाँ होती है बारिश रहमत की
यहाँ कोई कमी न रत्नों की
बड़ी लीला सुनी…..

आया दर पे एक सवाली
जन्म से था वो अन्धा,
उसका हाल बड़ा था मन्दा।
हाल बड़ा था मन्दा भगतों
हाल बड़ा…..
मजबूरी लाचारी में वो
पग-2 ठोकर खाता
हर दम कोसे किस्मत अपनी
रोता नीर बहाता
रोता नीर बहाता भगतों
रोता नीर बहाता
जगदाती जग जननी माँ से
तड़प-2 के बोला
कैसे मानूं तूने सचमुच
द्वार दया का खोला
मईया द्वार दया का खोला….
भगतों द्वार दया…..
मैं न माँगू सोना-चाँदी
न हीरे न मोती
तू है नैना देवी माँ
दे नैनों की ज्योति -2
बड़ी लीला सुनी…..

आ गई एक अभागन नारी
दुःखड़ा अपना कहने
तेरे भगतों को माँ कितने
दुःख हैं पड़ते सहने
दुःख पड़े हैं सहने भगतों
दुःख…..
बरसों बीते विनती करते
हर पल माँ को दुखड़ा
लेकिन किस्मत से माँ
अपना खत्म हुआ न झगड़ा-2
भक्तों खत्म हुआ न झगड़ा-2
दिया जलाना अपने घर में
हे माँ शेराँवाली
माँ बनने को तरस रही हूँ
गोद है मेरी खाली माता
गोद है मेरी खाली भगतों
गोद…..
मईया तूने कई माँओं को
बक्शे आंख के तारे
दया करो कि मुझे भी कोई
कहके माँ पुकारे -2
बड़ी लीला सुनी तेरे भवनों की-2

बोला एक व्यापारी रोके
दया करो महारानी
अब न संकटं सहन होता
सर से गुजरा पानी
दाती सर से गुजरा पानी
भगतों सर से…..
हर धन्धे में पड़ा है घाटा
दबा हूँ कर्जे नीचे
लेने वाले हुन्डियाँ लेके
घूम रहे हैं पीछे मईया
घूम रहे हैं पीछे
भगतों घूम…..
मोड़ लिया मुंह हर अपने ने
दुश्मन हो गए साये
परख लिए हैं बुरे वक्त में
अपने और पराए
अपने और पराए
भगतों अपने और पराए
कभी तरा था नरसी जैसे
अब भी चिन्ता हर दे
मेरा बेड़ा भवसागर से,
पार भवानी कर दे-2
बड़ी लीला सुनी तेरे भवनों की…3…4

सुनो सुनो माँ की महिमा

शेरांवाली दे टिक्के कदे होने ना फ़िक्के

मोहे लादो भजन वाली वही माला जा के रटने से मिल जाए नंदलाला

लग जा गुरा दे चरणी गुरू पार लगाना लिरिक्स

सतगुरु मेरे सांवरिया मैनु रख ले चरणा दे नेड़े लिरिक्स

Leave a Comment