नवाँ अध्याय कार्तिक माहात्म्य
नवाँ अध्याय कार्तिक माहात्म्य इधर वृन्दा ने स्वप्न देखा कि उसका पति सारे शरीर में तेल लगाकर नंगा शरीर भैंस पर सवार होकर, दक्षिण दिशा की ओर प्रेतों के साथ जा रहा है। यह स्वप्न देख उसे बड़ी चिन्ता हुई और अटारी तथा गोशाला कहीं भी विश्राम नहीं मिला। तब वह एक वन से दूसरे … Read more