उन्नीसवाँ अध्याय कार्तिक माहात्म्य
उन्नीसवाँ अध्याय कार्तिक माहात्म्य नारदजी कहने लगे कि राजा पृथु ! कार्तिक कृष्णा त्रयोदशी से शुक्ला द्वितीया तक यमराज को प्रसन्न करने के लिए दीपक जलाना चाहिए। इससे अकालमृत्यु आदि नहीं होती। चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी भी कहते हैं। उस दिन तिल का तेल, अपामार्ग तथा दूर्वा आदि लगाकर स्नान करना चाहिए। स्नान के पश्चात् … Read more