Shri triveni ji ki aarti ! Ganga Aarti – Prayagraj
triveni ji ki aarti ! आरती श्री त्रिवेणी जी की ओं जय श्री त्रिवेणी ओं जय मां त्रिवेणी । तीरथराज प्रयाग प्रकाशनि सबको सुख देनी ॥ ओं गंगा जमुना प्रगट बहत मिलि, धन्य दोउ बहैनी । धारा गुप्त सरस्वती, सुगम स्वर्ग नसैनी ॥ १ ॥ अन्तरवेद शास्त्र शुचि महिमा, सत्य काल धैनी। पाप काटने भक्त … Read more