श्री दुर्गा स्तुति चौथा अध्याय

चौथा अध्याय – श्री दुर्गा स्तुति आदिशक्ति ने जब किया महिषासुर का नास। सभी देवता आ गये तब माता के पास। मुख प्रसन्न से माता के चरणों में सीस झुकाये। करने लगे – वह स्तुति मीठे बैन सुनायें। हम तेरे ही गुण गाते हैं, चरणों में सीस झुकाते है। तेरे जै कार मनाते हैं, जै … Read more

दुर्गा स्तुति तृतीय अध्याय

श्री दुर्गा स्तुति – तृतीय अध्याय चक्षुर ने निज सेना का सुना जभी संहार। क्रोधित होकर लड़ने को आप हुआ तैयार। ऋषि मेधा ने राजा से फिर कहा। सुनों तृतीय अध्याय की अब कथा । महा योद्धा चक्षुर था अभिमान में। गर्जता हुआ आया मैदान में। चलाता महा शक्ति पर तीर था। वह सेनापति असुरों … Read more

दुर्गा स्तुति दूसरा अध्याय

दूसरा अध्याय दुर्गा पाठ का दूसरा शुरु करूं अध्याय । जिसके सुनने पढ़ने से सब संकट मिट जाय। मेधा ऋषि बोले तभी, सुन राजन धर ध्यान । भगवती देवी की कथा करे सब का कल्याण । देव असुर भयो युद्ध अपारा, महिषासुर दैतन सरदारा। योद्धा बली इन्द्र से भिडयो, लड़यो वर्ष शतरणते न फिरयों । … Read more

दुर्गा स्तुति पहला अध्याय

श्री दुर्गा स्तुति पाठ प्रारम्भ दुर्गा स्तुति पहला अध्याय पहला अध्याय वन्दो गौरी गणपति शंकर और हनुमान। राम नाम प्रभाव से है सब का कल्याण। गुरुदेव के चरणों की रज मस्तक पे लगाऊं। शारदा माता की कृपा लेखनी का वर पाऊं। नमो ‘नारायण दास जी’ विप्रन कुल श्रृंगार। पूज्य पिता की कृपा से उपजे शुद्ध … Read more

विनम्र प्रार्थना

विनम्र प्रार्थना मुझ पर दया करो जग जननी, सब अपराध क्षमा कर दो। शारदा मातां बुद्धि दो, मां लक्ष्मी भण्डारे भर दो। आवाहन विसर्जन पूजा, कुछ भी करना जानूं न। कर्म काण्ड भक्ति के मन्त्र क्या हैं यह पहचानूं न। मैं अपराधों सहित भवानी शरण तुम्हारी आया हूं। अज्ञानी बालक को बख्शो दाती तेरा जाया … Read more

कीलक स्तोत्र

कीलक स्तोत्र मारकडे ऋषि वचन उचारी, सुनने लगे ऋषि बनचारी। नीलकंठ कैलाश निवासी, त्रयनेत्र शिव सहज उदासी। कीलक मंत्र में सिद्धि जानी, कलियुग उल्ट भाव अनुमानी। कील दियो सब यन्त्र मन्त्र तत्रनी शक्ति कीन परतन्त्र। तेही शंकर स्तोत्र चंडिका का, राखियो गुप्त काहू से न कहा। फलदायक स्तोत्र भवानी, कीलक मन्त्र पढे नर ज्ञानी। नित्यपाठ … Read more

श्री अर्गला स्तोत्र नमस्कार

श्री अर्गला स्तोत्र नमस्कार नमस्कार देवी जयन्ती महारानी। श्री मंगला काली दुर्गा भवानी। कृपालनी और भद्रकाली क्षमा मां। शिवा धात्री श्री स्वाहा रमा मां। नमस्कार चामुण्डे जग तारिनी को। नमस्कार मधुकैटभ संहारिणी को। नमस्कार ब्रह्मा को वर देने वाली।ओ भक्तों के संकट को हर लेने वाली। तू संसार में भक्तों को यश दिलाये। तू दुष्टों … Read more

दुर्गा स्तुति – श्री मंगला जयन्ती स्तोत्र

श्री मंगला जयन्ती स्तोत्र वरमांगू वरदायनी निर्मल बुद्धि दो। मंगला स्तोत्र पढू सिद्ध कामना हो। ऋषियों के यह वाक्य हैं सच्चे सहित प्रमाण , श्रद्धा भाव से जो पढ़े सुने हो जाये कल्याण। जय मां मंगला भद्रकाली महारानी,जयन्ती महा चण्डी दुर्गा भवानी। मधु कैटभ तुम ने थे संहार दीने, मैय्या चण्ड और मुण्ड भी मार … Read more

गोवर्धन पूजा गोवर्धन, गोबर-धन तथा अन्नकूट

गोवर्धन पूजा

गोवर्धन पूजा गोवर्धन पूजा , गोबर-धन तथा अन्नकूट कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को गोवर्धन नाम का त्यौहार मनाया जाता है। इस दिन स्त्रियाँ गोबर का भगवान बनाकर उसकी भली प्रकार से पूजा करती हैं। इस दिन गांव की पूजा का विशेष महत्व होता है। गाय को शास्त्रों में सबसे पवित्र माना गया है और लक्ष्मी का … Read more

श्री दुर्गा कवच

श्री दुर्गा कवच ऋषि मारकंडे ने पूछा जभी। दया करके ब्रह्मा जी कवच दुर्गा बोले तभी। कि जो गुप्त मन्त्र है संसार में। हैं सब शक्तियां जिसके अधिकार में। हर इक का जो कर सकता उपकार है। जिसे जपने से बड़ा ही पार है। पवित्र कवच दुर्गा बलशाली का। जो हर काम पूरा करे सवाली … Read more