श्री चमन दुर्गा स्तुति के सुन्दर भाव

दुर्गा स्तुति के सुन्दर भाव ऋषि मारकन्डे के मन्त्र निराले । देवी भगवत में ऋषि ने जो डाले। किया उसका टीका सरल भाषा में है। ‘चमन’ का तो सर्वस्य इसी आशा में है। जो मातेश्वरी भगवती कष्ट हर ले ।जो श्रद्धा से इस पुस्तक का पाठ कर ले। मनों कामना पाठी जो मन में धारें। … Read more

दूसरी ब्रह्मचारिणी मन भावे – माँ ब्रह्मचारिणी

माँ ब्रह्मचारिणी जै अम्बे ब्रह्मचारिणी माता । जै चतुराणन प्रिय सुख दाता । ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो । ब्रह्म मन्त्र है जाप तुम्हारा । जिस को जपे सकल संसारा। जै गायत्री वेद की माता । जो जन निस दिन तुम्हें ध्याता । चमन लालकमी कोई रहने न पाए।कोई … Read more

तीसरी ‘चन्द्र घंटा शुभ नाम –  माँ चंद्रघण्टा

 माँ चंद्रघण्टा जय मां चन्द्र घंटा सुख धाम ।पूर्ण कीजो मेरे काम । चन्द्र समान तू शीतल दाती।चन्द्र तेज किरणों में समाती। क्रोध को शान्त बनाने वाली। मीठे बोल सिखाने वाली। मन की मालक मन भाती हों ।चन्द्र घंटा तुम वरदाती हो। सुन्दर भाव को लाने वाली। हर संकट में बचाने वाली। हर बुधवार जो … Read more

चतुर्थ ‘कूषमांडा सुखधाम’ – माँ कूष्मांडा

माँ कूष्मांडा कूषमांडा जै जग सुखदानी ।मुझ पर दया करो महारानी। पिंगला ज्वालामुखी निराली । शाकम्बरी मां भोली भाली । लाखों नाम निराले तेरे । भक्त कई मतवाले तेरे। भीमा पर्वत पर है डेरा । स्वीकारो प्रणाम ये मेरा । सब की सुनती हो जगदम्बे । सुख पहुंचाती हो मां अम्बे। तेरे दर्शन का मैं … Read more

पांचवी देवी असकन्ध माता – माँ स्कंदमाता 

माँ स्कंदमाता  माँ स्कंदमाता  माता जै तेरी हो असकन्ध माता।पांचवां नाम तुम्हारा आता । सब के मन की जानन हारी।जग जननी सब की महतारी। तेरी जोत जलाता रहूं मैं । हरदम तुम्हें ध्याता रहूं मैं । कई नामों से तुझे पुकारा । मुझे एक है तेरा सहारा । कहीं पहाड़ों पर है डेरा । कई … Read more

छटी कात्यायनी विख्याता – माँ कात्यायनी

माँ कात्यायनी जै जै अम्बे जै कात्यायनी । जै जगमाता जग की महारानी। बैजनाथ स्थान तुम्हारा ।वहां वरदाती नाम पुकारा। कई नाम हैं कई धाम हैं। यह स्थान भी तो सुखधाम है। हर मन्दिर में जोत तुम्हारी।कहीं योगेश्वरी महिमा न्यारी । हर जगह उत्सव होते रहते। हर मन्दिर में भक्त हैं कहते। कात्यायनी रक्षक काया … Read more

सातवीं कालरात्रि महामाया – माँ कालरात्रि

माँ कालरात्रि माँ कालरात्रि कालरात्रि जै जै महाकाली । काल के मुंह से बचाने वाली। दुष्ट संधारण नाम तुम्हारा ।महां चण्डी तेरा अवतारा। पृथ्वी और आकाश पे सारा । महाकाली है तेरा पसारा । खंडा खप्पर रखने वाली।दुष्टों का लहू चखने वाली।तुम्हारा । कलकत्ता स्थान तुम्हारा। सब जगह देखु तेरा नज़ारा। सभी देवता सब नर … Read more

आठवीं महागौरी जगजाया – माँ महागौरी

माँ महागौरी माँ महागौरी जै महा गौरी जगत की माया।जै उमा भवानी जय महामाया । हरिद्वार कनखल के पासा।महा गौरी तेरा वहां निवासा। चन्द्रकली और ममता अम्बे। जै शक्ति जै जै जगदम्बे। भीमा देवी विमला माता।कौशकी देवी जग विख्याता । हिमाचल के घर गौरी रुप तेरा।महां काली दुर्गा है स्वरुप तेरा । सती ‘सत’हवनकुंडमें था … Read more

नौवीं सिद्धि धात्री जगजाने – माँ सिद्धिदात्री

माँ सिद्धिदात्री माँ सिद्धिदात्री जै सिद्धि धात्री मां तू सिद्धि की दाता । तू भक्तों की रक्षक तू दासों की माता । तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि। तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि। कठिन काम सिद्ध करती हो तुम। जभी हाथ सेवक के सिर धरती हो तुम। तेरी पूजा मे तो … Read more