दासी हूँ तेरी श्यामा सेवा में साथ रख लो – भजन लिरिक्स

दासी हूँ तेरी श्यामा, सेवा में साथ रख लो, दासी हूँ तेरी श्यामा, सेवा में साथ रख लो, मैं आपकी हूँ प्यारी, मैं आपकी हूँ प्यारी, अपने ही पास रख लो, दासी हूँ तेरी राधे, सेवा में साथ रख लो, सुन लो मेरी कहानी, श्री राधे मेहरबानी, श्री राधे मेहरबानी, श्री राधे मेहरबानी,श्री राधे मेहरबानी, … Read more

Karwa Chauth Vrat katha (करवा चौथ का व्रत)

Karwa Chauth Vrat katha (करवा चौथ का व्रत) कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ कहते हैं। इसमें गणेश जी का पूजन करके उन्हें पूजन दान सेप्रसन्न किया जाता है। इसका विधान चैत्र की चुतर्थी में लिख दिया है। परन्तु विशेषतायह है कि इसमें गेहूँ का करवा भर के पूजन किया जाता है और … Read more

चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है लिरिक्स

चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है माता जिनको याद करे वो लोग निराले होते हैं माता जिनका नाम पुकारे किस्मत वाले होते है। चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है हो चलो बुलावा आया हैं,चलो बुलावा आया हैं माता ने बुलाया हैं,जय माता दी … Read more

ऊंची ऊंची वादी में बसते हैं मेरे भोले शंकर भोले शंकर लिरिक्स

ऊंची ऊंची वादी में बसते हैं मेरे भोले शंकर,भोले शंकर, ऊंची ऊंची वादी में बसते हैं मेरे भोले शंकर,कैसी है लगी मुझको तेरी लगन, गांव और जम्मू होके , तुझ में मगन, ऊंची ऊंची वादी में बसते हैं मेरे भोले शंकर,ऊंची ऊंची वादी में बसते हैं मेरे भोले शंकर भोले शंकर भोले भोले शंकर, रूद्र … Read more

श्री दुर्गा पूजा पाठ विधि | दुर्गा सप्तशती

श्री दुर्गा पूजा पाठ विधि तथा पूजा-सामग्री श्री दुर्गा जी की पूजा विशेष रूप से वर्ष में दो बार नवरात्रों में की जाती है। आश्विन शुक्ला प्रतिपदा को जो नवरात्र प्रारम्भ होते हैं, उन्हें शारदीय नवरात्र कहते हैं । चैत्र शुक्ला प्रतिपदा से आरम्भ होने वाले नवरात्र वार्षिक कहलाते हैं । माँ दुर्गा के भक्त … Read more

Khatu Shyam History

Khatu Shyam ji

Khatu Shyam Khatu Shyam History बाबा खाटू श्याम जी को श्रीकृष्ण के कलयुगी अवतार के रूप में पूजा जाता है। कहते हैं बाबा राजा को रंग और रंक को राजा बना सकते हैं।राजस्थान के सीकर जिले में बाबा का भव्य मंदिर है।जहां पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। बाबा खाटू श्याम जी कौन … Read more

Chintpurni Mata || चिंतपूर्णी माता का इतिहास

jai maa chintpurni

Chintpurni Mata History Chintpurni Mata – कहा जाता है भक्त माई दास को मां चिंतपूर्णी के स्थान के बारे में सबसे पहले पता चला था। बात सन् 1556 से 1700 के आसपास की है। माई दास के पिता अट्ठर नामक गांव के रहने वाले थे। उस समय वह पटियाला रियासत में था। वह बड़े तेजस्वी … Read more

श्री राधा कौन है ? || Shri Radha

श्री राधा chalisa

श्री राधा कौन है ? – श्री राधा-कृष्णतत्त्व सर्वथा अप्राकृत है, इनका विग्रह अप्राकृत है, इनकी समस्त लीलाएँ अप्राकृत हैं- जो अप्राकृत क्षेत्रमें अप्राकृत मन-बुद्धि-शरीरसे अप्राकृत पात्रों में हुई थीं। अप्राकृत लीला को देखने, सुनने , कहने और समझने के लिये अप्राकृत नेत्र, कर्ण, वाणी और मन-बुद्धि चाहिये। भगवान् के विभिन्न सच्चिदानन्दमय दिव्य लीला-विग्रहों में … Read more

भगवान युगलकिशोर की आरती

Radhe Krishna status

युगलकिशोर की आरती आरति जुगल किसोर की कीजै, तन मन धन न्योछावर कीजै ॥ गौर स्याम मुख निरखन कीजै, प्रेम स्वरूप नयन भर पीजै । रबि ससि कोटि बदनकी सोभा, ताहि देखि मेरो मन लोभा ॥ मोर मुकुट कर मुरली सोहै, नटवर वेष निरख मन मोहै । ओढ़ें पीत नील पट सारी। कुंजन ललना- लाल … Read more