मतलब के रिश्तों को तोड़कर के प्यार के बंधन में आन लिरिक्स
मतलब के रिश्तों को तोड़कर के प्यार के बंधन में आन मतलब के रिश्तों को तोड़कर के प्यार के बंधन में आन बंधा मेरी माँ, ममता की छाया दे दातिए तेरी चौकठ पे आज खड़ा मेरी माँ, इस पाप के जग में झूठा है हर नाता, गाओ को दिखलाऊ कैसे तुझे माता, तू प्यार का … Read more