छब्बीसवाँ अध्याय श्रावण महात्म्य – shravan maas
छब्बीसवाँ अध्याय श्रावण महात्म्य ईश्वर ने कहा- सावन महीने की अमावस्या के दिन जो करना चाहिये वह प्रसंगवश जो कुछ याद हो गया है, उसे मैं आपसे कहूँगा। पहले महाबली पराक्रमी, संसारविध्वंसक देवतोच्छेदन कारी दुष्ट दैत्यों के साथ रमणीय शुभ वृषभ पर आरूढ़ हो बहुत बार संग्राम किया। हर महाबली, पराक्रमी वृषभ ने मुझे युद्ध … Read more