सत्रहवाँ अध्याय श्रावण महात्म्य – shravan maas
सत्रहवाँ अध्याय श्रावण महात्म्य ईश्वर ने सनत्कुमार से कहा- हे देवेश ! अब शुभ पवित्रारोपण कहूँगा। पहली सप्तमी के रोज अधिवासन कर, अष्टमी के रोज पवित्रारोपण करे। जो जीव पवित्र बनवाता है, उसके सुपुण्य का फल सुनो। हे विप्र ! वह सब यज्ञ, व्रत, दान तथा सब तीर्थाधिशेचन का फल प्राप्त कर लेता है, इसमें … Read more