सत्ताईसवाँ अध्याय श्रावण महात्म्य – shravan maas
सत्ताईसवाँ अध्याय श्रावण महात्म्य ईश्वर कहा – अनन्तर सावन महीने में कर्क तथा सिंह संक्रान्तिजन्य जो कुछ कार्य होते हैं, उसे भी मैं आपसे कहता हूँ। कर्क- संक्राति से सिंह की संक्रांति तक सब नदियाँ रसस्वला हो जाती है। उस काल में नदियों में स्नान न करें। समुद्र में गिरने वाली नदियों में स्नान करने … Read more