Hare Krishna ! हरे कृष्ण हरे राम महामंत्र का अर्थ

Hare Krishna ! हरे कृष्ण महामंत्र का अर्थ प्रत्येक मनुष्य को हर पल वह आनंद चाहिए जिसका कभी क्षय एवं अंत न हो। आनंद के आगार अर्थात् समुद्र श्रीकृष्ण ही हैं। हमें आनंद चाहिए तो उन श्रीकृष्ण से हमें हमारा मन, बुद्धि, अहंकार एवं चेतना को जोड़ना होगा। उदाहरणार्थ, यदि हमें सरोवर से पानी चाहिए … Read more

shri radha chalisa

श्री राधा chalisa

shri radha chalisa श्री युगल चरण कमलेभ्यो नमः श्री राधा चालीसा दोहा – श्री राधे वृषभानुजा, भक्तनि प्राणाधार । वृन्दाविपिन विहारिणि प्रणवौं बारंबार ॥ जैसौ तैसौ रावरौ, कृष्ण प्रिया सुखधाम । चरण शरण निज दीजिये, सुन्दर सुखद ललाम ॥ जय वृषभानु कुँवरि श्री श्यामा । कीरति नंदिनी शोभा धामा ॥ नित्य विहारिनि श्याम अधारा । … Read more

shri bankebihari chalisa

shri bankebihari chalisa श्री बांके बिहारी विनय पचासा श्री बांके बिहारी चालीसा दोहा – बांकी चितवन कटि लचक, बांके चरन रसाल। स्वामी श्री हरिदास के बांके बिहारी लाल ॥ ॥ चौपाई ॥ जै जै जै श्री बांके बिहारी । हम आये हैं शरन तिहारी ॥१॥ स्वामी श्री हरिदास के प्यारे । भक्तजनन के नित रखवारे … Read more

श्रावण मास तीसरा अध्याय – shravan maas teesra adhyay

श्रावण मास तीसरा अध्याय सनत्कुमार जी ने कहा- हे भगवान! आपने व्रत समुदाय का उद्देश्य कहा! हे स्वामिन! इससे तृप्ति नहीं हुई, अतः आप सविस्तार कहें। सुरेश्वर जिसे सुन मैं कृत-कृत्य हो जाऊं। ईश्वर ने सनत्कुमार से कहा- हे योगीश! जो विद्वान श्रावण मास ‘नक्तव्रत’ कर बिताता है। वह बारह महीनों में नक्तव्रत का फल … Read more

jai ambe gauri aarti

jai ambe gauri aarti जय अम्बे गौरी जय अम्बे गौरी,मैया जय श्यामा गौरी,तुमको निशिदिन ध्यावततुमको निशिदिन ध्यावत,हरि ब्रह्मा शिवरी,ॐ जय अम्बे गौरी मांग सिंदूर विराजित,टीको जगमग तो,मैया टीको जगमग तोउज्ज्वल से दोउ नैना,उज्ज्वल से दोउ नैना,चंद्रवदन नीकोॐ जय अम्बे गौरी कनक समान कलेवर,रक्ताम्बर राजै,मैया रक्ताम्बर राजैरक्तपुष्प गल माला,रक्तपुष्प गल माला,कंठन पर साजैॐ जय अम्बे गौरी … Read more

mangal ki sewa aarti lyrics

mangal ki sewa aarti माता रानी की यह आरती बहुत कृपा बरसाने वाली है। इस आरती से माँ बहुत जल्दी प्रसन्न होती है। इस आरती में माँ की महिमा के साथ साथ हमारी प्रार्थना भी है। इस आरती में माँ के संत रूप कभी वर्णन किया गया है। माँ भक्तो और संतो की देवी है। … Read more

shankar ji ki aarti | शंकर जी की आरती lyrics

shankar ji ki aarti जय शिव ओंकारा हरि शिव ओंकारा ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्धांगी धारा। (टेक) – एकानन चतुरानन पंचानन राजे। हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे (जय० ) दो भुज चार चतुर्भुज भुज ते सोहे। तीनों रूप निरखता त्रिभुवन जग मोहे ( जय० ) अक्ष माला वनमाला रुण्डमाला धारी चन्दन मृगमद सोहे भाले शशिधारी (जय० ) … Read more

shri shaligram ji ki aarti

shaligram ji ki aarti | श्री शालिग्राम की आरती शालिग्राम सुनो विनती मोरी यह वरदान दयाकर पाऊँ । प्रात समय उठि मज्जन करके प्रेम सहित स्नान कराऊँ । चन्दन धूप दीप तुलसीदल वरण-वरण के पुष्प चढ़ाऊँ ॥१॥ तुम्हरे सामने नृत्य करूं नित प्रभु घंटा शंख मृदंग बजाऊं। चरण धोय चरणामृत लेकर कुटुम्ब सहित बैकुण्ठ सिधाऊं … Read more

om jai jagdish hare aarti lyrics | ओं जय जगदीश हरे

om jai jagdish hare ओं जय जगदीश हरे स्वामी जय जगदीश हरे । भक्तजनों के संकट छिन में दूर करे ॥ ओं० १ जो ध्यावे फल पावे दुःख बिनसे मन का । सुख सम्पत्ति घर आवे कष्ट मिटे तन का ॥ ओं० २ मात पिता तुम मेरे शरण गहूँ किसकी । तुम बिन और न … Read more

Shri triveni ji ki aarti ! Ganga Aarti – Prayagraj

triveni ji ki aarti ! आरती श्री त्रिवेणी जी की ओं जय श्री त्रिवेणी ओं जय मां त्रिवेणी । तीरथराज प्रयाग प्रकाशनि सबको सुख देनी ॥ ओं गंगा जमुना प्रगट बहत मिलि, धन्य दोउ बहैनी । धारा गुप्त सरस्वती, सुगम स्वर्ग नसैनी ॥ १ ॥ अन्तरवेद शास्त्र शुचि महिमा, सत्य काल धैनी। पाप काटने भक्त … Read more