Prem Mandir Vrindavan
Prem Mandir Vrindavan प्रेम मंदिर वृंदावन के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। कहते हैं भगवान या महापुरुष कोई भी संकल्प लेते हैं तो कुदरत भी उसको पूरा करने में जुट जाती है। और उनके संकल्प हमेशा हम जैसे जीवो के हित के लिए ही होते हैं। सांसारिक जीवों को भक्ति पथ पर लाने के … Read more
Khatu Shyam History
Khatu Shyam Khatu Shyam History बाबा खाटू श्याम जी को श्रीकृष्ण के कलयुगी अवतार के रूप में पूजा जाता है। कहते हैं बाबा राजा को रंग और रंक को राजा बना सकते हैं।राजस्थान के सीकर जिले में बाबा का भव्य मंदिर है।जहां पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। बाबा खाटू श्याम जी कौन … Read more
Siddhi Vinayak – The Grand Hindu Temple
Siddhi Vinayak सिद्धिविनायक मंदिर कहाँ स्थित है ? सिद्धिविनायक मंदिर गणेश जी का एक हिंदू मंदिर है ।यह मंदिर महाराष्ट्र के मुंबई शहर में स्थित है ।इसकी गिनती देश के प्रसिद्ध मंदिरों में की जाती है। यह मंदिर 200 साल पुराना मंदिर है। गणपति बप्पा के दर्शन के लिए देश-विदेश से लोग गणेश जी के … Read more
Chintpurni Mata || चिंतपूर्णी माता का इतिहास
Chintpurni Mata History Chintpurni Mata – कहा जाता है भक्त माई दास को मां चिंतपूर्णी के स्थान के बारे में सबसे पहले पता चला था। बात सन् 1556 से 1700 के आसपास की है। माई दास के पिता अट्ठर नामक गांव के रहने वाले थे। उस समय वह पटियाला रियासत में था। वह बड़े तेजस्वी … Read more
भक्तिमति मणि – बाकें बिहारी का चमत्कार और लीला
बाकें बिहारी का चमत्कार लगभग सवा सौ वर्ष पहले की बात है । तब वृन्दावन एक छोटा-सा नगर था। नगर के बीचों-बीच एक चौड़ा मार्ग था जो रेल लाईन को काटता हुआ मथुरा जाने वाले मार्ग से जुड़ा हुआ था। रेल की इस क्रासिंग के चारों ओर दावानल कुण्ड, कैमार वन और मोतीझील का सघन … Read more
श्री राधा कौन है ? || Shri Radha
श्री राधा कौन है ? – श्री राधा-कृष्णतत्त्व सर्वथा अप्राकृत है, इनका विग्रह अप्राकृत है, इनकी समस्त लीलाएँ अप्राकृत हैं- जो अप्राकृत क्षेत्रमें अप्राकृत मन-बुद्धि-शरीरसे अप्राकृत पात्रों में हुई थीं। अप्राकृत लीला को देखने, सुनने , कहने और समझने के लिये अप्राकृत नेत्र, कर्ण, वाणी और मन-बुद्धि चाहिये। भगवान् के विभिन्न सच्चिदानन्दमय दिव्य लीला-विग्रहों में … Read more
भगवान युगलकिशोर की आरती
युगलकिशोर की आरती आरति जुगल किसोर की कीजै, तन मन धन न्योछावर कीजै ॥ गौर स्याम मुख निरखन कीजै, प्रेम स्वरूप नयन भर पीजै । रबि ससि कोटि बदनकी सोभा, ताहि देखि मेरो मन लोभा ॥ मोर मुकुट कर मुरली सोहै, नटवर वेष निरख मन मोहै । ओढ़ें पीत नील पट सारी। कुंजन ललना- लाल … Read more
वाणी का महत्त्व क्या है हमारे जीवन में
वाणी का महत्त्व सन्त-महापुरुषों ने रसना के बारे में फ़रमाया है कि कोई भी बात मुँह से निकालने से पूर्व हृदय के तराजू पर उसे तोल लेना चाहिये। कड़वी बात कहना या वह बात बोलना जिससे दूसरे के दिल को ठेस पहुँचे-बिना प्रयोजन अथवा मर्यादा का उल्लंघन करके बातें करना-यह हानिकर है । एक बार … Read more
मन नाम जप पर केन्द्रित नहीं रह पाता है क्या करें?
मन नाम जप पर केन्द्रित – प्रश्न: हमारी जिह्वा नाम जप तो कर रही होती है परंतु मन नाम जप पर केन्द्रित नहीं रह पाता है? क्या करें? उत्तरः श्रीकृष्ण का नाम, रूप, लीला, गुण, धाम एक स्वरूप हैं इसलिए नाम जप करते हुए आरंभ में नाम पर ध्यान करना चाहिए और जब इससे मन … Read more