तीसरा अध्याय कार्तिक माहात्म्य
तीसरा अध्याय कार्तिक माहात्म्य इतनी कथा सुनकर श्री नारदजी ने पूछा कि हे ब्रह्मन् ! आप मुझे उत्तम देवता का पूजन बताइये। तब ब्रह्माजी ने कहा कि हे पुत्र ! गंडकी नदी के उत्तर की ओर गिरिजा के दक्षिण में चालीस कोस की पृथ्वी महाक्षेत्र कहलाती है वहाँ पर ही शालिग्राम तथा गोमती चक्र होते … Read more