पन्द्रहवाँ अध्याय कार्तिक महात्म्य
पन्द्रहवाँ अध्याय कार्तिक महात्म्य राजा पृथु कहने लगे कि हे नारदजी ! भक्तवत्सल भगवान् की पूजा का इतिहास सुनाइये। तब नारदजी बोले कि हे राजन्! एक पुरातन इतिहास कहता हूं, सो सुनो। पहले चौल नाम का एक राजा कांतिपुर में राज्य करता था। उसके राज्य में कोई भी दुःखी, पीड़ित तथा दरिद्री नहीं था। सारी … Read more