विनम्र प्रार्थना

विनम्र प्रार्थना

मुझ पर दया करो जग जननी, सब अपराध क्षमा कर दो।

शारदा मातां बुद्धि दो, मां लक्ष्मी भण्डारे भर दो।

आवाहन विसर्जन पूजा, कुछ भी करना जानूं न।

कर्म काण्ड भक्ति के मन्त्र क्या हैं यह पहचानूं न।

मैं अपराधों सहित भवानी शरण तुम्हारी आया हूं।

अज्ञानी बालक को बख्शो दाती तेरा जाया है।

प्रगट गुप्त जो औगन हो गये उन पर ध्यान न धरना माँ।

पाठ ‘चमन’ मैं करूं तुम्हारा, आशा पूर्ण करना माँ।

चमन की श्री दुर्गा स्तुति

श्री दुर्गा स्तुति अध्याय

महा चण्डी स्तोत्र
महा काली स्तोत्र
नमन प्रार्थना
माँ जगदम्बे जी आरती
महा लक्ष्मी स्तोत्र
श्री संतोषी माँ स्तोत्र
श्री भगवती नाम माला
श्री चमन दुर्गा स्तुति के सुन्दर भाव
श्री नव दुर्गा स्तोत्र – माँ शैलपुत्री
दूसरी ब्रह्मचारिणी मन भावे – माँ ब्रह्मचारिणी
तीसरी ‘चन्द्र घंटा शुभ नाम –  माँ चंद्रघण्टा
चतुर्थ ‘कूषमांडा सुखधाम’ – माँ कूष्मांडा
पांचवी देवी असकन्ध माता – माँ स्कंदमाता 
छटी कात्यायनी विख्याता – माँ कात्यायनी
सातवीं कालरात्रि महामाया – माँ कालरात्रि
आठवीं महागौरी जगजाया – माँ महागौरी
नौवीं सिद्धि धात्री जगजाने – माँ सिद्धिदात्री
अन्नपूर्णा भगवती स्तोत्र

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