श्री दुर्गा स्तुति सर्व कामना सिद्धि

श्री दुर्गा स्तुति सर्व कामना सिद्धि प्रार्थना नित्य पढिए

भगवती भगवान की भक्ति करो परवान तुम।

अम्बे कर दो अमर जिस पे हो जाओ मेहरबान तुम।

काली काल के पंजे से तुम ही बचाना आन कर।

गौरी गोदी में बिठाना अपना बालक जान कर।

चिन्तपुरनी चिन्ता मेरी दूर तुम करती रहो।।

लक्ष्मी लाखों भण्डारे मेरे तुम भरती रहो।

नैना देवी नैनों की शक्ति को देना तुम बढ़ा।

वैष्णों मां विषय विकारों से भी लेना तुम बचा।

मंगला मंगल सदा करना भवन दरबार में।

चण्डिका चढ़ती रहे मेरी कला संसार में।

भद्रकाली भद्र पुरुषों से मिलाना तुम सदा।

ज्वाला जलना ईर्षा वश यह मिटाना कर कृपा।

चामुण्डा तुम ‘चमन’ पे अपनी दया दृष्टि करो।

माता मान इज्जत व सुख सम्पत्ति से भण्डारे भरो।

चमन की श्री दुर्गा स्तुति

श्री दुर्गा स्तुति अध्याय

महा चण्डी स्तोत्र
महा काली स्तोत्र
नमन प्रार्थना
माँ जगदम्बे जी आरती
महा लक्ष्मी स्तोत्र
श्री संतोषी माँ स्तोत्र
श्री भगवती नाम माला
श्री चमन दुर्गा स्तुति के सुन्दर भाव
श्री नव दुर्गा स्तोत्र – माँ शैलपुत्री
दूसरी ब्रह्मचारिणी मन भावे – माँ ब्रह्मचारिणी
तीसरी ‘चन्द्र घंटा शुभ नाम –  माँ चंद्रघण्टा
चतुर्थ ‘कूषमांडा सुखधाम’ – माँ कूष्मांडा
पांचवी देवी असकन्ध माता – माँ स्कंदमाता 
छटी कात्यायनी विख्याता – माँ कात्यायनी
सातवीं कालरात्रि महामाया – माँ कालरात्रि
आठवीं महागौरी जगजाया – माँ महागौरी
नौवीं सिद्धि धात्री जगजाने – माँ सिद्धिदात्री
अन्नपूर्णा भगवती स्तोत्र

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