सोलह सोमवार व्रत कथा

सोलह सोमवार व्रत कथा कथा : मृत्यु लोक में विवाह करने की इच्छा करके एक समय श्री भूतनाथ महादेव जी माता पार्वती के साथ पधारे वहां वे भ्रमण करते-करते विदर्भ देशातंर्गत अमरावती नाम की अतीव रमणीक नगरी में पहुंचे। अमरावती नगरी अमरपुरी के सदृश सब प्रकार के सुखों से परिपूर्ण थी। उसमें वहां के महाराज … Read more

सोमवार व्रत

सोमवार व्रत सोमवार व्रत विधि सोमवार का व्रत साधारणतया दिन के तीसरे पहर तक होता है। व्रत में फलाहार या पारण का कोई खास नियम नहीं है। किन्तु यह आवश्यक है कि दिन रात में केवल एक समय भोजन करें। सोमवार के व्रत में शिव जी पार्वती का पूजन करना चाहिए। सोमवार के व्रत तीन … Read more

रविवार की आरती

रविवार की आरती कहुं लगि आरती दास करेंगे, सकल जगत जाकि जोति विराजे ॥ टेक सात समुद्र जाके चरणनि बसे, कहा भयो जल कुम्भ भरे हो राम । कोटि भानु जाके नख की शोभा, कहा भयो मन्दिर दीप धरे हो राम । भार उठारह रोमावलि जाके, कहा भयो शिर पुष्प धरे हो राम । छप्पन … Read more

रविवार (इतवार) व्रत और कथा

रविवार (इतवार) व्रत सर्व मनोकामनाओं की पूर्ति हेतु रविवार का व्रत श्रेष्ठ है।  रविवार (इतवार) व्रत विधि इस व्रत की विधि इस प्रकार है। प्रातःकाल स्नानादि से निवृत्त हो स्वच्छ वस्त्र धारण करें। शान्तचित्त हो कर परमात्मा का स्मरण करें। भोजन एक समय से अधिक नहीं करना चाहिए। भोजन तथा फलाहार सूर्य के प्रकाश रहते … Read more

देव दीपावली क्या होती है ?

कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली का मनाई जाती है। इस दिन वाराणसी में मां गंगा के घाटों पर लाखों दीपक शाम को जलाए जाते हैं। मान्यता है, इस दिवाली को मनाने व देखने के लिए देवी देवता भी पृथ्वी पर उतर आते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध … Read more

आँवला नवमी किसे कहते हैं

आँवला नवमी कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को ‘आँवला नवमी’ कहते हैं। जैसे नाम से पता चलता है कि इस दिन आँवला वृक्ष की पूजा की जाती है। विधान : प्रातः स्नान करके शुद्ध आत्मा से आँवले के वृक्ष के नीचे पूर्व दिशा में बैठ कर पूजन करना चाहिए। पूजन के बाद उसकी … Read more

धर्मदेव की पूजा : धनतेरस

धनतेरस का दिन धन की पूजा का दिन है। सचमुच में यह पर्व धन की पूजा अर्थात् धर्म की पूजा का पर्व है। धन जहां लक्ष्मी का प्रतीक है तो धर्म विष्णु का प्रतीक है। जहां विष्णु न होंगे वहां लक्ष्मी भी न होगी। ऐसे ही जहां धर्म न होगा वहां धन भी नहीं रह … Read more

दशहरा – शौर्य और विजय का पर्व है दशहरा

दशहरा भारतवर्ष का एक प्रमुख त्यौहार है। इसका आयोजन आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को होता है भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था। असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाए जाने के कारण इसको ‘विजय दशमी’ के नाम से भी जाना जाता है। दशहरा वर्ष को … Read more